प्रॉपर्टी डीलर पर धांधली कर सरकारी जमीन हथियाने का आरोप
जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त सहित डीएम से की शिकायत
जन एक्सप्रेस/विश्वामित्र पांडेय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रापर्टी डीलरों और सरकारी मुलाजिमों में लगातार सह – मात का खेल जारी है। जहां पूर्व में रहे कर्मचारियों/अधिकारियों की करनी का वर्तमान भारसाधकों को झेलना पड़ रहा है वहीं कानूनी डंडे की चोट भी ढीली पड़ती नजर आने लगी है।
राजधानी के सरोजिनी नगर तहसील के अंतर्गत काकोरी ब्लॉक के इब्राहिमगंज में ग्राम पंचायत की जमीन पर पूर्व में गलत तरीके से कब्जा कर लेने की शिकायत मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के साथ ही तहसील प्रशासन से की गई है।
बताते चलें की उक्त शिकायत भारतीय किसान – मजदूर यूनियन – दशहरी की जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने शिकायती पत्र के माध्यम से की है, जिसमे मंडलायुक्त को संबोधित करते हुए लिखा है कि
लखनऊ के इब्राहीम गंज के मजरा मदारपुर के निवासी खलील खां पुत्र जाफर खां पूर्व में तथ्यों को छुपाते हुए व कूट रचना करके उपरोक्त गाँव मदारपुर में ही पुरानी खसरा न 223- मि अब नयी खसरा संख्या 240 क्षेत्रफल लगभग साढ़े सात बीघा पट्टा अपने नाम करवा लिया, जबकि उपरोक्त खलील खां के पास अपनी पुस्तैनी जमीन लगभग 4 बीघा आन रोड थी। खलील खा ने उपरोक्त बात को छुपाते हुए कूटरचित कागजात के आधार पर व उस समय के राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत करके अपने नाम पट्टा करवाकर धोखा धड़ी की है। जिलाध्यक्ष द्वारा उक्त प्रकरण की जांच कर पट्टे को निरस्त करने व जमीन को सरकारी श्रेणी में दर्ज करने के साथ चकमर्ग और चारागाह के साथ खेल के मैदान की भूमि को मुक्त कराने की मांग की गई है। जिलाध्यक्ष ने उक्त शिकायत के साथ साक्ष्य भी संलग्न किए जाने की बात कही है।
कब्जाई जमीन से कई दलित व गरीब लोग हो सकते थे खुशहाल
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि उपरोक्त गाँव में ही कई दलित भूमिहीन हैं और उपरोक्त साढ़े 7 बीघा जमीन से कम से कम 4 दलित गरीबों को पट्टा करके खुशहाल किया जा सकता था लेकिन धन बल के जोर पर व कूटरचित कागजों के आधार पर पट्टा करवा लिया गया। बाद में चकबंदी अधिकारीयों के साथ मिलकर एक चक निकलवाकर उपरोक्त जमीन खसरा संख्या 240 पर बिना लैंड मुक्त करवाए ही प्लोटिंग करके उस जमीन से लगा एक चक मार्ग जिसका खसरा संख्या 239, क्षेत्रफल 0.011. है को भी अपनी प्लोटिंग में मिला लिया हैं।
खेल के मैदान और चारागाह पर भी खलील खां का कब्जा
शिकायती पत्र के अनुसार एक खेल मैदान जिसका खसरा संख्या 268, क्षेत्रफल 0.5060 हेक्टेयर है को भी अपनी प्लोटिंग में मिला लिया है। पीछे साइड से पशुचर की जमीन जिसका खसरा संख्या 520 व 521 है जिसका कुछ भाग अपनी प्लोटिंग में मिलाकर प्लाट काटकर बेच रहे हैं, जिससे राजस्व की सुरक्षित श्रेणी की तमाम जमीनों के साथ छल पूर्वक करवाए गए पट्टे की साढ़े सात बीघा जमीन की भी खुर्द बुर्द होने की सम्भावना है।
खलील खां के द्वारा अपने पुत्र हनीफ खा को पावर दे कर किया जा रहा निवेशकों को फसाने का काम
आरोप यह भी हैं कि उपरोक्त जमीनों में लगभग 4 दर्जन प्लाट बेच भी दिए खलील खा के पुत्र हनीफ खान द्वारा तमाम तथ्यों को छुपा कर बिना विकाश प्राधिकरण से नक्शा पास कर वाय बिना खेती की जमीन को आवासीय करवाए प्लाट बेचते जा रहे है जिससे सीधे – साधे निवेशकों को फसाने का काम किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त जमीन के साथ ही मदार पुर गांव में खलील खा के पट्टे के अलावा 4 अन्य लोगो को साढ़े सात – साढ़े सात बीघे के पट्टे भी नियम कानूनों को ताक पर रख संबंधित राजस्व अधिकारियों व कुछ दलालों ने मिलकर करवाए थे। हालाकि उपरोत सभी जमीन पर प्लाटिंग कर के बेचा जा चुका है।






