उत्तर प्रदेश

30 मार्च को जारी अधिसूचना के खिलाफ अब 15 मई को होगी सुनवाई

प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर दाखिल की गई आपत्तियों को निस्तारित करने का सरकार को निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसको लेकर दाखिल कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने के लिए अगले महीने 15 मई की तिथि तय की है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से दाखिल इन याचिकाओं में सरकार द्वारा 30 मार्च को जारी अधिसूचना को विभिन्न आधारों पर चुनौती दी गई है।

यह आदेश चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर एवं जस्टिस एसडी सिंह की खंडपीठ ने कानपुर के अभिनव त्रिपाठी की याचिका पर पारित किया है। याची की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि याची ने 30 मार्च को जारी अधिसूचना के खिलाफ आपत्ति 6 अप्रैल को सरकार को भेज दी है परंतु उसकी आपत्ति पर विचार नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार की तरफ से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रामानंद पान्डेय ने सरकार की तरफ से प्रतिवाद किया और कहा कि सरकार 6 अप्रैल की शाम तक के सभी आपत्तियों का निस्तारण करेगी। सरकार की तरफ से कहा गया की अधिसूचना में भी इस बात का उल्लेख किया गया है। कहा गया कि अधिसूचना को चुनौती देने का कोई आधार नहीं है।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया है कि सरकार 6 अप्रैल तक प्राप्त सभी आपत्तियों को कानून के मुताबिक उसका निस्तारण करें। कोर्ट इस मामले पर अब अगले माह 15 मई को सुनवाई करेगी।

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