कोर्ट ने कहा- CJI लेंगे याचिका पर फैसला

तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने लोकसभा से अपने निष्कासन को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने के कुछ दिनों बाद बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की। लोकसभा में आचार समिति की उस रिपोर्ट को मंजूर कर लिया गया जिसमें तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को ‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में ‘अनैतिक एवं अशोभनीय आचरण’ का जिम्मेदार ठहराया गया था। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुनवाई जल्द करने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति एसके कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिंघवी को सूचित किया कि उल्लिखित याचिका को दोपहर में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष रखना होगा और वह मामले की लिस्टिंग पर फैसला लेंगे। लोकसभा द्वारा शुक्रवार को आचार समिति की रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के 24 घंटे के भीतर शनिवार रात दायर अपनी याचिका में मोइत्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें आचार समिति के निष्कर्षों पर चर्चा के दौरान सदन में अपना बचाव पेश करने की अनुमति नहीं दी गई।
लोकसभा की आचार समिति द्वारा ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले पर एक रिपोर्ट पेश करने के बाद 8 अक्टूबर को लोकसभा ने महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें उन्हें एक सांसद के रूप में अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की गई थी। उन पर अडानी समूह के गौतम अडानी से संबंधित सवाल संसद में उठाने के बदले में उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से नकदी और अन्य उपहारों के रूप में रिश्वत लेने का आरोप था।






