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सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा, गेहूं बेचने में किसान नहीं दिखा रहे रुचि

मीरजापुर । जिले के विकास खंड राजगढ़ क्षेत्र में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो गई है। गेहूं खरीद के लिए सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा न होने की आशंका से केंद्र प्रभारी चिंतित हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का गेहूं खरीदने के लिए क्षेत्र में हॉट शाखा पंचोखरा एवं ददरा हिनौता सहकारी समिति पर गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने के लिए टोकन भी जारी कराएं हैं परंतु अब सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने से क्षेत्र के किसान कतरा रहे हैं। इससे क्रय केंद्र पर गेहूं की आवक कम हो गई है और क्रय केंद्र खाली पड़े हुए हैं।

क्षेत्रीय किसान जगदीश सिंह, पप्पू सिंह, लवकुश, ओमप्रकाश, बाबूनंदन सिंह, भरत सिंह, अरविंद, अनिल कुमार, संदीप सिंह, कृष्ण कुमार, कैलाश ने बुधवार को बताया कि सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है जिसमें क्रय केंद्र तक गेहूं पहुंचाने व तौल कराने का पूरा खर्च किसान को ही वहन करना पड़ता है। जबकि दो हजार 50 से लेकर इक्कीस सौ रुपये प्रति कुंतल की दर से व्यापारी किसान के घर से गेहूं खरीद रहे हैं और तत्काल किसानों को भुगतान भी कर रहे हैं। अब किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचना मुनासिब नहीं समझ रहे।

हाट शाखा क्रय केंद्र पंचोखरा प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 10 हजार कुंतल गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें अभी तक 36 किसानों से 1580 कुंतल गेहूं की खरीद हो पाई है। वही ददरा हिनौता सहकारी समिति गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी विजयानंद दुबे ने बताया कि सरकार द्वारा छह हजार कुंतल गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है जिसमें अभी तक 22 किसानों से 1104 कुंतल गेहूं खरीद हो पाया है। जबकि 175 किसानों को टोकन जारी किया गया है। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि प्रतिदिन गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्र पर एक या दो किसान ही आ रहे हैं।

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