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अटलांटिक सिटी में गूंजा गायत्री मंत्र, 51 कुंडीय महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

जन एक्सप्रेस/हरिद्वार :-  चंद्रप्रकाश बहुगुणा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार के निर्देशन में अमेरिका के अटलांटिक सिटी में भारतीय अध्यात्म और सनातन संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिली। यहां आयोजित 51 कुंडीय गुरु पूर्णिमा गायत्री महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की।

शांतिकुंज से पहुंचे केंद्रीय प्रतिनिधियों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा पर्व को आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया। आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन परंपराओं का संदेश अमेरिका की धरती पर भी प्रभावी रूप से देखने को मिला।

कलश शोभायात्रा से हुआ आयोजन का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश शोभायात्रा से हुई। पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

शोभायात्रा में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, संस्कार और सद्भाव से जुड़ी विभिन्न झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। इन झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता और उसकी आध्यात्मिक विरासत को प्रस्तुत किया गया। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य विदेश में रहने वाली नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी रहा।

51 कुंडीय महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने दी आहुति

कलश शोभायात्रा के बाद 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ आहुति अर्पित की। वैदिक मंत्रों और सामूहिक गायत्री महामंत्र के उच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में सद्विचार, संयम, सेवा और साधना को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अध्यात्म के माध्यम से व्यक्तिगत जीवन के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश भी दिया गया।

विश्वशांति और मानव कल्याण की कामना

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित समारोह में विश्वशांति, मानवता के कल्याण और जन-जन में सद्बुद्धि एवं सद्भाव जागरण के लिए प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने कामना की कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रकाश पूरी दुनिया में फैले।

इस दौरान सत्य, सदाचार, करुणा और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

अमेरिका में भारतीय संस्कृति की झलक

अटलांटिक सिटी में आयोजित यह आयोजन विदेश में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति लोगों की रुचि और जुड़ाव को दर्शाने वाला रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने गुरु पूर्णिमा समारोह को एक व्यापक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का स्वरूप दिया।

कार्यक्रम के जरिए भारतीय अध्यात्म, गायत्री साधना और सनातन संस्कृति के मूल संदेश को अमेरिका में भी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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