देश

आरोपित पति एक महीने में पेश नहीं हो तो पासपोर्ट और वीजा निरस्त कर विदेश से भारत डिपोर्ट करें-कोर्ट

जयपुर । अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-2 महानगर द्वितीय ने जयपुर निवासी पत्नी को दहेज के लिए प्रताडित करने के मामले में पुलिस कार्रवाई में पति के अनुसंधान में सहयोग नहीं करने पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी पासपोर्ट, जयपुर को निर्देश दिया है कि वे सेन्ट्रल अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावास के जरिए आरोपित पति को कोर्ट में पेश होने के लिए निर्देशित करें। यदि वह कोर्ट के निर्देश के पालन में सूचना मिलने से एक महीने में पेश नहीं हो तो उसके पासपोर्ट और वीजा को निरस्त कर उसे भारत डिपोर्ट करने की कार्रवाई करें। इस दौरान होने वाले खर्च को भी आरोपित खुद ही वहन करेगा। अदालत ने यह आदेश पत्नी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए।

प्रार्थना पत्र में कहा गया कि प्रार्थिया ने मई 2024 में पति के खिलाफ पुलिस थाना महिला-उत्तर में दहेज प्रताड़नाए, छेड़छाड़ व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसंधान में पति दीपक गिदवानी को दोषी मान लिया, लेकिन अनुसंधान एजेंसी के दिए नोटिस के बाद भी उसने ना तो अनुसंधान में सहयोग नहीं किया और ना ही कोर्ट में पेश हुआ। वह आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई से बचने के लिए अनुसंधान एजेंसी के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है। इसलिए उसे कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया जाए। प्रार्थिया की शादी फरवरी, 2022 में अजमेर निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद वह उसे एक साल बाद विदेश ले गया, लेकिन सितंबर 2023 में ही उसे दहेज व मारपीट से प्रताड़ित कर वापस भिजवा दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button