उत्तराखंडहरिद्वार

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में 24 ध्यान-कुटियों के निर्माण का शुभारम्भ

जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और आध्यात्मिक उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देव संस्कृति विश्वविद्यालय में 24 ध्यान-कुटियों के निर्माण कार्य का शुभारम्भ किया गया। प्रथम ध्यान-कुटी का विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजन के साथ विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने शुभारम्भ किया।

माँ गायत्री की 24 दिव्य शक्तिधाराओं के नाम पर बनेंगी ध्यान-कुटियां

विश्वविद्यालय परिसर में माँ गायत्री की 24 दिव्य शक्तिधाराओं के नाम पर 24 ध्यान-कुटियों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय को साधना, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक चेतना के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना है।

विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा साधना का वातावरण

इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के बीच विकसित किया जा रहा ध्यान-कुटी परिसर साधकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए ध्यान, आत्मचिंतन, मनःशुद्धि एवं आध्यात्मिक साधना का प्रेरणादायी केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि निर्मित होने वाली 24 ध्यान-कुटियां माँ गायत्री की दिव्य शक्तियों का प्रतीक होंगी और साधना के माध्यम से व्यक्तित्व, चेतना तथा जीवन मूल्यों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होंगी।

शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति का समन्वय

डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय अपने कुलपिता युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की उस जीवनदृष्टि को साकार कर रहा है, जिसमें शिक्षा के साथ संस्कार, साधना और संस्कृति का समन्वय निहित है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यह ध्यान-कुटी परिसर देश-विदेश से आने वाले विद्यार्थियों और साधकों के लिए आध्यात्मिक साधना का एक विशिष्ट केंद्र बनेगा।

कार्यक्रम में शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, कार्यकर्ता एवं परिजन उपस्थित रहे।

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