
जन एक्सप्रेस / पिथौरागढ़ : जनपद में सामने आए संदिग्ध मानव रेबीज प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में रेबीज नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए बहु-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस.एस. नबियाल ने की। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर रेबीज जैसी घातक बीमारी की रोकथाम और जन-जागरूकता के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना था।
बैठक में पशु चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम, पंचायती राज विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान जनपद में रेबीज की वर्तमान स्थिति, संदिग्ध प्रकरण में की गई कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
रेबीज से बचाव के लिए जन-जागरूकता पर विशेष जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नबियाल ने कहा कि रेबीज एक सौ प्रतिशत घातक बीमारी है, लेकिन समय पर उपचार और जागरूकता के माध्यम से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लोगों को रेबीज के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता, बंदर या अन्य संदिग्ध पशु काट ले, तो उसे तुरंत घाव को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए।
आवारा पशुओं की निगरानी और टीकाकरण पर चर्चा
बैठक में डॉ. योगेश शर्मा ने आवारा एवं संदिग्ध पशुओं की निगरानी, टीकाकरण और नियंत्रण उपायों की जानकारी दी। वहीं नगर निगम को आवारा कुत्तों के प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच रेबीज से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा आईसीडीएस विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध
डॉ. प्रशांत कौशिक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद में रेबीज नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को रेबीज से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि पशु काटने की किसी भी घटना को हल्के में न लें और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें।
बैठक में तरुण कुमार पंत, हरीश आर्या तथा डॉ. निर्मल सिंह बसेड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






