
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित द्वि-दिवसीय शिक्षक गरिमा शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ मां गायत्री के विग्रह पर दीपार्चन और महिला मंडल संगीत टीम द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायी प्रज्ञा गीत के साथ हुआ।
इस अवसर पर उत्तराखंड सहित देश के सात राज्यों से आए वरिष्ठ गायत्री परिजन, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान मुख्य वक्ताओं ने छात्रों में नैतिक मूल्यों के विकास, सकारात्मक सोच और जिज्ञासा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि शांतिकुंज का विचार क्रांति अभियान और विद्यालयों में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रभावी प्रसार किया जा सकता है। इस विषय पर शिक्षकों के साथ विस्तृत चर्चा और परिचर्चा भी की गई।
भोजनावकाश के बाद आयोजित द्वितीय सत्र में विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की सराहना करते हुए इसे छात्रों के चरित्र निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में शांतिकुंज के योगेन्द्र गिरी ने सभा को संबोधित किया। वहीं वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। शिविर में शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्य संयोजक हरीश पोखरियाल, जिला संयोजक रेखा पयाल, कीर्ति रावत, अनीता रावत, राजेंद्र बधानी, किशोर धनाई, आलोक बिजल्वाण, इंद्रभूषण नौटियाल, उमादत्त नौटियाल, अजय बडोला, कुशलानंद बिजल्वाण, राम भजन नौटियाल सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।






