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जौनपुर में SIR प्रक्रिया को लेकर अफवाहें निराधार, प्रशासन ने किया खंडन

फॉर्म-7 के जरिए नाम कटवाने के दावे भ्रामक, बिना हस्ताक्षर वाले फॉर्म रद्दी के समान: ADM परमानंद झा

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अफवाहों को जौनपुर प्रशासन ने पूरी तरह निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। मतदाताओं के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि एक विशेष राजनीतिक दल द्वारा फॉर्म-7 भरवाकर बीएलओ पर दबाव डालते हुए मतदाता सूची से नाम कटवाए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद मामला और चर्चा में आ गया था।

इन दावों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जौनपुर के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही सूचनाएं पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रारूप का फॉर्म यदि बीएलए (Booth Level Agent) द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, तो उस पर उसका हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। ADM ने कहा कि बिना हस्ताक्षर वाले किसी भी फॉर्म का कोई वैधानिक महत्व नहीं है और ऐसे फॉर्म प्रशासन के लिए रद्दी कागज़ के समान हैं।

उन्होंने बताया कि हाल ही में कुछ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कार्यालय आए थे और बिना हस्ताक्षर किए हुए फॉर्म दिखाए गए थे, लेकिन उन पर किसी प्रकार की कार्यवाही संभव नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि मतदाता सूची से नाम जोड़ने या हटाने की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से की जाती है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का दबाव, हस्तक्षेप या मनमानी स्वीकार्य नहीं होगी। ADM परमानंद झा ने मतदाताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की शंका होने पर सीधे संबंधित निर्वाचन कार्यालय अथवा बीएलओ से संपर्क करें। प्रशासन मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

 

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