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उत्तरकाशी के भेटियारा गांव में आबादी के बीच पहुंचा बाघ, वन विभाग ने पटाखों से जंगल की ओर खदेड़ा

जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :-  उत्तरकाशी के गाजणा क्षेत्र स्थित आदर्श ग्राम सभा भेटियारा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बाघ आबादी के बेहद करीब पहुंच गया। बताया गया कि बाघ ग्रामीण राधेश्याम सेमवाल के मकान के ठीक ऊपर दिखाई दिया। शाम के समय बाघ के गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और बच्चे व महिलाएं घरों के भीतर रहने को मजबूर हो गए।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के जिला अध्यक्ष नितिन नौटियाल भी टीम के साथ मौजूद रहे। वन कर्मियों शिवानी डोभाल, अभिषेक, सुरेश नौटियाल और अन्य कर्मचारियों ने पटाखों की मदद से बाघ को जंगल की ओर खदेड़ दिया। बाघ के वापस जंगल लौटने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

घटना के बाद नितिन नौटियाल ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता, तब तक प्रत्येक घर के बाहर रात के समय एक बल्ब अवश्य जलाकर रखें, क्योंकि रोशनी से जंगली जानवर आबादी के करीब आने से बचते हैं। उन्होंने लोगों से अकेले जंगल की ओर न जाने और बच्चों को रात के समय घर से बाहर न निकलने की भी सलाह दी।

नितिन नौटियाल ने कहा कि गाजणा क्षेत्र में बाघ और गुलदार का आबादी में आना अब लगातार बढ़ती समस्या बन चुका है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और खेती-किसानी के साथ पशुपालन भी प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने सरकार से मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दीर्घकालिक और प्रभावी नीति बनाने की मांग की। उनका कहना है कि वन विभाग और ग्रामीणों की सतर्कता से इस बार बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन स्थायी समाधान के बिना ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जंगल और गांव के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि लोगों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।

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