
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: विकासखंड थौलधार के बौर, रामगांव और आसपास के क्षेत्रों की पंचायत भूमि की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और प्रस्तावित भूमि नीलामी को तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों की सरकारी एवं सामुदायिक भूमि, जो स्थानीय विकास और जनहित के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, उसे ग्राम सभाओं की सहमति के बिना नीलाम या निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
वक्ताओं का कहना था कि पंचायत भूमि स्थानीय लोगों की साझा संपत्ति और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। उनका आरोप था कि ग्राम पंचायतों की अनुमति के बिना भूमि की नीलामी या लीज की प्रक्रिया स्थानीय लोगों के अधिकारों और पारंपरिक हक-हकूकों के विपरीत है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रामगांव क्षेत्र की प्रस्तावित भूमि नीलामी को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही भविष्य में ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी पंचायत भूमि को लीज पर देने या निजी संस्थाओं को हस्तांतरित करने की कार्रवाई न की जाए।
इस अवसर पर प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर, प्रदीप रमोला, यूकेडी जिला अध्यक्ष डीडी पंत, मंजू देवी, पूजा नेगी, संगीता, लीला पंवार, मनवीर सिंह, सुदीप सिंह, अक्षत, पवन बिजलवान, बबीता, शीशपाल राणा, कुलदीप पवार, युद्धवीर सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






