चित्रकूट में ‘रामराज्य’ पर सवाल: जनता बोली — अधिकारी कर रहे हैं जमकर लूट!
भ्रष्टाचार के आरोपों का ताँता, भाजपा कार्यकर्ता भी उठा रहे उंगली

जन एक्सप्रेस चित्रकूट (हेमनारायण हेमू):चित्रकूट जनपद में भ्रष्टाचार के मतवाले आरोपों ने ताजा हलचल मचा दी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और सोशल-मीडिया पोस्ट के अनुसार जिले के उच्चाधिकारियों एवं विभागों में शिकायतों का पहाड़ लगा हुआ है और जनता कह रही है कि यहाँ “लूट” का समुचित जश्न जारी है — वह भी उस राज में जिसे रामराज्य कहा जाता है।
युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हीरो मिश्रा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट आरोप लगाए हैं कि चित्रकूट में आईएएस-आईपीएस लूट मचा रहे हैं — यह शब्द उन्होँने सार्वजनिक रूप से लिखे। वहीं नगर पालिका के कार्यकर्ता सुशील श्रीवास्तव और सोशल-एक्टिविस्ट प्रिंस मोबाइल लगातार स्वास्थ्य सेवाओं, नगर पालिका और अन्य विभागों में रिश्वतखोरी और घोटालों की बातें उठा रहे हैं। इनकारी आवाजों का कहना है कि कई मामलों में पदाधिकारियों का संरक्षण है, जिसके चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों ने कहा — “पहले कहावत थी ‘राम नाम की लूट’ — अब उल्टा हुआ है: रामराज्य के नाम पर ही लूट हो रही है। अधिकारी और कुछ प्रभावशाली लोग मिलकर जिले की सम्पत्ति और सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।” कई नागरिकों का यह भी आरोप है कि शिकायतें दायर करने के बाद भी विभागीय जवाबदेही और जांच नहीं की जा रही, जिससे भ्रष्टाचारियों को हौसला मिल रहा है।
विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता इस मौनता पर सवाल उठा रहे हैं। जब पार्टी के अपने ही कार्यकर्ता—जो शासन का हिस्सा माने जाते हैं—उँगली उठाएँ, तो प्रशासन के घबरा उठने की बात आम है। परन्तु चित्रकूट में स्थानीय इस निष्क्रियता को संरक्षण बताकर सवाल खड़े कर रहे हैं: “अख्तियार कौन दे रहा है? किसके प्रभाव में कार्रवाई रुक रही है?”
एक व्यापारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “छोटे मुद्दों के लिए भी रिश्वत माँगी जाती है; अस्पताल की कुछ सेवाएँ सिर्फ पैसे दे कर मिलती हैं — यह जनता के लिए बेहद परेशान करने वाली स्थिति है।”
विशेषज्ञ/कानूनप्रेमी मत (सुझाव): ऐसे आरोपों की पारदर्शी जांच के लिए लोकल एसआईटी या सीबीआई/FIR-आधारित जांच की मांग उठाई जा रही है। नागरिक संगठन और पदाधिकारी दोनों से आग्रह है कि खुली जांच कराई जाए, ताकि दोषी चाहे जिस भी पायदान पर हों — उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और चित्रकूट की साख व जनता का भरोसा बहाल हो।






