जीरो टॉलरेंस से भी नहीं डरेगा, यूपी के सड़क निर्माण में हुआ बड़ा घोटाला
प्रदेश में हाल ही में बनीं बलरामपुर समेत 9 जिलों की सड़कों की गुणवत्ता की जांच में बड़े पैमाने पर धाँधली हुई है

जन एक्सप्रेस, लखनऊ: यूपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद सरकारी अमला सुधरने का नाम नहीं ले रहा। सड़कों के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। प्रदेश में हाल ही में बनीं बलरामपुर समेत 9 जिलों की सड़कों की गुणवत्ता की जांच में बड़े पैमाने पर धाँधली हुई है। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय की ओर से किए गए निरीक्षण में 36 सड़कों के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसके बाद इन नमूनों की लैब जांच रिपोर्ट में तारकोल, इमल्शन और बजरी के उपयोग में गड़बड़ी पाई गई है। रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। इसके बाद अब प्रदेश में नवनिर्मित सड़कों की नियमित जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
सड़कों के नमूने फेल होने पर 16 अभियंताओं को पहले ही निलंबित किया जा चुका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 नवंबर को समीक्षा बैठक में सभी जिलों की सड़कों की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में हरदोई में सड़कों के नमूने फेल होने पर 16 अभियंताओं को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब नौ अन्य जिलों कानपुर नगर, प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़, बलरामपुर, बदायूं, जालौन, बस्ती और गाजीपुर में हुई गड़बड़ियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इन सड़कों के नमूने फेल हुए
बलरामपुर: बुड़ंतापुर अहलादडीह मार्ग, उतरौला-अयोध्या मार्ग
कानपुर नगर: मंधाना-गंगा बैराज मार्ग
प्रतापगढ़: लालगंज-मंझनपुर मार्ग
मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर-थाना भवन मार्ग
आजमगढ़: बिलरियागंज-रौनापार मार्ग
बदायूं: शाहबाद-बिसौली मार्ग
जालौन: उरई-भीखेपुर मार्ग
बस्ती: लकड़मंडी-स्वामी नारायण मार्ग
गाजीपुर: सैदपुर-चिरेयाकोट मार्ग
हरदोई और उन्नाव की कुछ और सड़कों के नमूने भी लखनऊ की लैब में भेजे गए> लैब की रिपोर्ट के आधार पर दोषी अभियंताओं और संबंधित जिलों के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, हरदोई और उन्नाव की कुछ और सड़कों के नमूने भी लखनऊ की लैब में भेजे गए हैं।







