धोखाधड़ी और ठगी करने वाले गैंग के 12 सदस्यों के खिलाफ संगीन धाराओं हुआ मामला दर्ज
ठगों ने खेत का फर्जी मालिक बन खरीदार को लगाया 36 लाख का चूना

जन एक्स्प्रेस/हमीरपुर: सरीला रजिस्ट्रार आफिस में फर्जी मालिक बन दबंग शातिर किस्म के नटवरलाल गिरोह के व्यक्तियों ने दूसरे किसान के खेत को अवैध अभिलेखों के दम पर अपना बताने के साथ ही उसे बेचकर करा दी रजिस्ट्री। इस सनसनीखेज धोखाधड़ी और ठगी के फर्जी मामले का खुलासा उस वख्त हुआ। जब खरीदार उपेन्द्र सर्राफ खरीदे हुये खेत को मौके पर देखने गया, जहाँ उसकी मुलाकात खेत के असली मालिक से हो गई। जिसके बाद खेत के खरीदार उपेन्द्र सर्राफ को अपने साथ 36 लाख रुपये की ठगी और धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। दरअसल
राठ के जुगयाना निवासी पीड़ित खेत खरीदार उपेन्द्र सर्राफ ने बताया कि तहसील के इटायल गाँव निवासी सुरेन्द्र राजपूत ने उसे छिबौली गाँव के केसरगंज मौजा में गाटा संख्या–114–85 खेत को दिखाकर बेचने की बात कही, जबकि खेत पसंद आने पर उपेन्द्र सर्राफ उसे 36 लाख रुपये में खरीदने को तैय्यार हो गया। इसके बाद सुरेन्द्र ने अपने साथी विनोद के साथ मिलकर उसे अपने एक और साथी, सिद्ध गोपाल
नामक व्यक्ति से खेत मालिक बनाकर मिलवाया। और तीनों व्यक्तियों ने मिलकर
जाली अभिलेखों के दम पर असली खेत मालिक सिद्ध गोपाल के खेत को अपना बताकर 36 लाख रुपये में उसे बेचकर उसकी पत्नी रश्मि सोनी, जबकि बहू प्रतिभा सोनी के नाम रजिस्ट्री भी करादी। लेकिन खेत खरीदने के बाद जब उसका मालिक बनकर उपेन्द्र सर्राफ खरीदे हुये खेत को देखने पहुंचा, तो उसकी मुलाकात खेत के मालिक असली सिद्ध गोपाल से हो गई, जिसने उसे बताया कि ये खेत तो उसका है, और वो ही इसका मालिक है। इतना सुनते ही खेत के खरीदार उपेन्द्र सर्राफ के पैरों के नीचे से जमीन सरक गई, और उसे एहसास हुआ कि वो ठगी और धोखाधड़ी का शिकार हो गया है। इसके बाद पीड़ित सर्राफा दुकानदार उपेन्द्र ने जरिया थाना पहुंचकर अपने साथ हुई ठगी, धोखाधड़ी और जालसाजी की वारदात को अंजाम देने वाले सुरेन्द्र राजपूत पुत्र गुरु प्रसाद राजपूत,
भरत पुत्र अज्ञात, स्वतंत्र राजपूत पुत्र रामेश्वर राजपूत, मुमताज पुत्र रहीम, सोबरन पुत्र सुखलाल, जितेन्द्र कुश्वाहा पुत्र भग्गू, विनोद कुमार पुत्र राकेश, लोटन प्रधान पुत्र अज्ञात, जगमोहन उर्फ स्वामीदीन (सिद्ध गोपाल), रजिस्ट्रार सरीला, रजिस्ट्री लेखाकार प्रीतम और सतीश लेखाकार सहित 12 जालसाज और ठगों के गिरोह के खिलाफ लिखित तहरीर देकर मामला दर्ज करने की गुहार लगाई, इस सनसनीखेज ठगी और धोखाधड़ी के मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि,इसमें रजिस्ट्री आफिस के रजिस्ट्रार सहित दो रजिस्ट्री लेखाकार भी शामिल हैं। मामले की गम्भीरता को देखते हुये पुलिस ने पीड़ित उपेन्द्र सर्राफ की तहरीर पर संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही पुलिस की जांच से ठगों में हड़कंप मचा हुआ है।






