सरकार की ट्रांसफर नीति को लघु सिंचाई विभाग में ठेंगा
9 दिन बाद भी कार्यमुक्त नहीं हुए अवर अभियंता ईश्वर चंद्र! सवालों के घेरे में अफसरशाही

जन एक्सप्रेस चित्रकूट। प्रदेश सरकार की स्पष्ट स्थानांतरण नीति के बावजूद चित्रकूट जिले में लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। दशकों से जिले में जमे अवर अभियंता ईश्वर चंद्र को शासन ने 3 जून 2025 को स्थानांतरित कर दिया, लेकिन हैरानी की बात है कि आज तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, अवर अभियंता अवध नारायण और गिरीश कुमार का भी स्थानांतरण हो चुका है, फिर भी ये अधिकारी पुराने पदों पर ही जमे हुए हैं। यह स्थिति साफ तौर पर प्रदेश सरकार की ट्रांसफर नीति की अवहेलना को दर्शाती है।
स्पष्ट आदेश के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही
शासन का निर्देश है कि स्थानांतरण के एक सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारी को कार्यमुक्त किया जाना चाहिए। लेकिन स्थानांतरण के 9 दिन बीत जाने के बाद भी ईश्वर चंद्र को रिलीव न करना, अफसरशाही की मिलीभगत और अंदरूनी दबाव की ओर इशारा करता है।
कहीं रसूख तो नहीं वजह?
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके दबाव में ईश्वर चंद्र जैसे अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा? क्या लघु सिंचाई विभाग में कुछ अधिकारियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
नीति सिर्फ कागज़ों तक सीमित?
लघु सिंचाई विभाग में ट्रांसफर नीति की अनदेखी इस ओर इशारा करती है कि नियमों का पालन केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। यदि सरकार की नीतियों का इस तरह से उल्लंघन होता रहा, तो इसका सीधा असर विभागीय पारदर्शिता और जनविश्वास पर पड़ेगा।






