शिक्षा विभाग की दुर्दशा पर अखिलेश का हमला!
“शिक्षकों का दर्द मेरा दर्द है, सपा सरकार आई तो होगा समाधान”

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है, और सरकार शिक्षकों की समस्याओं को सुनने के बजाय “बहरी” बन गई है।
“नेताजी खुद शिक्षक थे, मैं शिक्षक का बेटा हूं, शिक्षकों से मेरा पारिवारिक रिश्ता है। सरकार में संवेदना ही नहीं बची है”, अखिलेश ने भावुक अंदाज में कहा।
शिक्षकों की बात पर सरकार को आती है चुप्पी!
सपा प्रमुख ने कहा कि जब शिक्षकों की परेशानियों की बात होती है, तो भाजपा सरकार कानों में रूई डाल लेती है। उन्होंने कहा, “स्कूल जितने कम होंगे, ग्रोथ रेट उतनी ही कम होगी, और सरकार को नौकरियां नहीं देनी पड़ेंगी — यही तो सरकार चाहती है!”
ट्रांसपोर्ट-आवास की मार, जान जोखिम में डालते हैं शिक्षक
अखिलेश ने बताया कि कोई शिक्षक जानबूझकर स्कूल देर से नहीं पहुंचता।
“इन्फ्रास्ट्रक्चर की हालत देखिए, ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं, आवास की कमी… कई शिक्षक तो जल्दी पहुंचने की कोशिश में एक्सीडेंट का शिकार हो जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में आज शोषण की पराकाष्ठा हो गई है।
डिजिटल अटेंडेंस में भी भारी खामी!
डिजिटल अटेंडेंस को लेकर भी अखिलेश ने सवाल खड़े किए।
“पहले इसे उच्च अधिकारियों के दफ्तरों में लागू करें। गांवों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क तक नहीं है, वहां ये दिखावा क्यों?”
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के विरोध के चलते सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा, और सपा ने इस पूरे आंदोलन में शिक्षकों का साथ दिया।
“सपा सरकार आई तो हर शिक्षक की समस्या होगी दूर” – अखिलेश का वादा
अखिलेश यादव ने दोहराया कि अगर सपा की सरकार बनती है, तो ट्रांसफर-पोस्टिंग की राजनीति खत्म होगी, और शिक्षा विभाग को फिर से संवेदनशील, शिक्षक-मित्र और प्रभावी बनाया जाएगा।






