
जन एक्सप्रेस संवाददाता, हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर के गौलापार क्षेत्र में दस वर्षीय अमित मौर्या की नृशंस हत्या ने पूरे शहर को सन्न और आक्रोशित कर दिया है। हत्या के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है, जिससे जनता का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को परिजन और ग्रामीण काठगोदाम थाने के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे नैनीताल रोड पूरी तरह जाम हो गया।
मासूम के सिर और कलाई गायब, नरबलि की आशंका
सोमवार को कोल्ड ड्रिंक लेने निकला 10 वर्षीय अमित घर नहीं लौटा। मंगलवार सुबह उसका शव पड़ोसी युवक के घर के पीछे आम के बगीचे में गड्ढे में दबा मिला। शव की हालत देख नरबलि की आशंका गहरा गई — सिर और दाहिने हाथ की कलाई गायब थी। अमित का गला धारदार हथियार से रेता गया था।
“मुझे मेरा बच्चा लौटा दो” — सड़क पर बैठ गई मां
मासूम की मां सड़क पर बैठकर झोली फैलाकर बेटे को वापस मांगती रही।
अमित की तस्वीरें थामे परिजन थाने के बाहर रोते-चिल्लाते रहे।
पुलिस की चुप्पी और ढीली कार्रवाई पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
हालात इतने बिगड़ गए कि हल्द्वानी-नैनीताल रोड पर यातायात ठप हो गया।
थाने में बैठे आरोपी, जनता भड़की
गुस्सा तब और भड़का जब जिस परिवार के बगीचे से शव मिला, उनके सदस्य थाने में कुर्सियों पर आराम से बैठे नजर आए।
लोगों ने पूछा —जब बच्चा बेरहमी से मारा गया, तो पुलिस इतनी नर्मी क्यों दिखा रही है?” पुलिस की बहस और फिर बलपूर्वक हटाया गया प्रदर्शनकारियों को
जब पुलिस ने कहा कि “शाम 4 बजे तक खुलासा करेंगे”, तो परिजनों ने यह कहकर इनकार कर दिया कि वे अब कोरे आश्वासन नहीं सुनेंगे।
थोड़ी देर बाद पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को हटाया, जिससे सड़क यातायात बहाल हो सका।
अब तक क्या हुआ?
हिरासत में लिए गए युवक ने कबूला कि सिर और कलाई नहर में फेंके चार टीमें कर रहीं तलाश, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला
परिजनों का आरोप: गुमशुदगी के बाद भी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद अमित आज जिंदा होता।”
एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश एसएसपी पीएन मीणा ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और जल्द खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।क्या है हत्या की गुत्थी? अब सबसे बड़ा सवाल — क्या ये तंत्र-मंत्र के लिए दी गई नरबलि थी? या फिर कोई व्यक्तिगत रंजिश? सिर और कलाई क्यों गायब किए गए? इन सवालों का जवाब अब भी अंधेरे में है।जनता का आक्रोश, पुलिस की परीक्षाइस घटना ने न सिर्फ जनमानस को झकझोर दिया, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब तक खुलासा नहीं होता, हल्द्वानी की जनता जवाब मांगती रहेगी।






