उत्तरकाशी में हनुमान जन्मोत्सव की धूम: देहरादून के झंडा मेले की तर्ज पर निकली भव्य ‘हनुमान ध्वज शोभायात्रा’

जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी: शिव की नगरी उत्तरकाशी आज पूरी तरह बजरंगबली की भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जनपद में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। नगर के प्राचीन मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ, जिसने पूरी घाटी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
आस्था का शिखर: हनुमान ध्वज शोभायात्रा
हनुमान मंदिर समिति द्वारा आयोजित ‘हनुमान ध्वज शोभायात्रा’ इस वर्ष आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।
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ऐतिहासिक प्रेरणा: मंदिर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम सिंह पवार और विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अजय प्रकाश बडोला ने बताया कि इस यात्रा की प्रेरणा देहरादून के ऐतिहासिक झंडा मेले से ली गई है।
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स्थापना का इतिहास: इस पुनीत कार्य की नींव संस्थापक सदस्यों दिवंगत नेमचंद चंदोक, राम रतन तलवार और राम लाल उभान द्वारा रखी गई थी। मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति सहारनपुर के सेठ बाजोरिया द्वारा दान की गई थी।
भावी योजनाएं: बनेगा वेद-पुराण संग्रहालय
हनुमान मंदिर के संरक्षक राजेंद्र उभान ने मंदिर के भविष्य के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहाँ बच्चों को संस्कारवान शिक्षा देने और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में मंदिर परिसर में एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जहाँ धार्मिक ग्रंथों और वेद-पुराणों का संरक्षण होगा। साथ ही उत्तरकाशी के अन्य प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना भी बनाई जा रही है।
भैरव मंदिर से हनुमान मंदिर तक गूँजा ‘जय श्री राम’
शोभायात्रा भैरव मंदिर से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस हनुमान मंदिर पहुँची, जहाँ विधि-विधान के साथ ध्वज की पुनः स्थापना की गई।
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सांस्कृतिक रंग: आयोजन में शंखध्वनि, बाल हनुमान प्रतियोगिता और भजनों ने समां बांध दिया।
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संत सम्मेलन: मंदिर परिसर में आयोजित संत सम्मेलन में महात्माओं ने उत्तरकाशी को पूर्ण धार्मिक नगरी घोषित करने और इसे मांस मुक्त करने की जोरदार अपील की।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिव प्रसाद भट्ट द्वारा किया गया, इस अवसर पर गोपाल राम भट्ट सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






