हरदोई में दूसरे दिन ही गिरी बैरिकेडिंग, कुसुमखोर घाट पर सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई। अरवल थाना क्षेत्र के कुसुमखोर गंगा घाट पर सुरक्षा के लिए लगाई गई अस्थायी बैरिकेडिंग दूसरे दिन ही धराशायी हो गई। लगातार दूसरी बार बैरिकेडिंग गिरने से गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, चार दिन पूर्व गंगा में डूबे दो युवकों की घटना के बाद भी मोटर बोट की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
उल्लेखनीय है कि सावन के प्रथम सोमवार को चौसार गांव निवासी ऋषि और नारद गंगा नदी में डूब गए थे। इस घटना के बाद प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्य धारा में स्नान पर रोक लगा दी थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मुख्य घाट से पहले एक स्थान पर स्नान की वैकल्पिक व्यवस्था की गई तथा आगे जाने से रोकने के लिए रस्सी और टीन की सहायता से अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई गई थी।
मंगलवार को लगाई गई यह बैरिकेडिंग बुधवार को ही गिर गई थी, जिसे स्थानीय लोगों ने दोबारा खड़ा कर दिया। गुरुवार को पुनः बैरिकेडिंग गिर जाने से सुरक्षा इंतजामों की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद भी स्थायी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, घटना के चौथे दिन भी घाट पर मोटर बोट की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे किसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सांडी डॉ. अस्मिता सेन ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्नान करने पहुंचे लोगों द्वारा बैरिकेडिंग क्षतिग्रस्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश मिश्रा को मौके पर भेजा गया है और बैरिकेडिंग को मजबूत तरीके से दोबारा स्थापित कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित स्थान पर ही स्नान करें और लगाए गए सुरक्षा इंतजामों के साथ छेड़छाड़ न करें।






