कानपुर कचहरी को लेकर पुलिस आयुक्त से शिकायत, कई लोगों पर गंभीर आरोप

जिला संवाददाता – विवेक पांडेय
जन एक्सप्रेस / कानपुर: कानपुर कचहरी की गरिमा से कथित तौर पर खिलवाड़ करने और लोगों पर मुकदमे दर्ज कराकर वसूली का दबाव बनाने के आरोपों को लेकर पुलिस आयुक्त से शिकायत की गई है। सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति से जुड़े समाजसेवी धीरज चड्ढा ने अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता, आशीष शुक्ला उर्फ बिल्लू एडवोकेट, विनोद गुप्ता उर्फ बिन्नू, जितेंद्र वाजपेई उर्फ जीतू पार्षद परमट और नवनीत मिश्रा के खिलाफ शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने अपने शिकायती पत्र में कई मामलों और दस्तावेजों का हवाला देते हुए कथित वित्तीय लेन-देन तथा अदालत में दाखिल किए गए परिवादों की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
करीब चार लाख रुपये के कथित दबाव का आरोप
धीरज चड्ढा ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ करीब चार लाख रुपये की कथित वसूली के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित अधिवक्ता की ओर से अन्य लोगों के खिलाफ भी धारा 138 एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस को संबंधित मामलों के दस्तावेज, परिवाद और बयानों की जांच करनी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मामलों में वास्तविक लेन-देन क्या था और अदालत में परिवाद दाखिल करने का आधार क्या रहा।
2023 के मामले का भी शिकायत में उल्लेख
शिकायती पत्र में एम. शौएब आलम से संबंधित वर्ष 2023 के एक मामले का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में करीब दो लाख रुपये की रकम और दो लाख रुपये के चेक से जुड़े विवाद का हवाला दिया गया है।
धीरज चड्ढा ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले से जुड़े दस्तावेजों और बयानों की जांच की जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि परिवाद में जिन वित्तीय लेन-देन का उल्लेख किया गया, उनकी वास्तविकता क्या है।
2025 के मामले में आठ लाख रुपये के चेक का जिक्र
शिकायत में एम. फैसल से संबंधित वर्ष 2025 के एक मामले का भी उल्लेख किया गया है। इसमें आठ लाख रुपये के चेक के आधार पर परिवाद दाखिल किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने संबंधित मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सभी दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
कुंदन मिश्रा से जुड़े मामले की जांच की मांग
शिकायती पत्र में कुंदन मिश्रा से संबंधित वर्ष 2024 के मामले का भी जिक्र है। इसमें दो लाख रुपये की रकम और चेक से जुड़े विवाद का उल्लेख किया गया है।
धीरज चड्ढा ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि इन सभी मामलों को एक साथ देखकर संबंधित दस्तावेजों, बयानों और कथित लेन-देन की जांच कराई जाए।
आशीष शुक्ला और विनोद गुप्ता की भूमिका की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन मामलों में आशीष शुक्ला उर्फ बिल्लू एडवोकेट और विनोद गुप्ता उर्फ बिन्नू की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। शिकायत में उनके खिलाफ कड़े आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
धीरज चड्ढा ने पुलिस से आग्रह किया है कि संबंधित परिवादों और बयानों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जाए। साथ ही वास्तविक लेन-देन, चेक से जुड़े विवाद और मुकदमे दाखिल किए जाने के आधार की भी जांच हो।
कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी
धीरज चड्ढा ने शिकायत के साथ पुलिस-प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि 30 सितंबर तक मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए कानपुर से लखनऊ तक पैदल मार्च करेंगे।
आत्मदाह की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस की ओर से जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों के सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
कानपुर में सामने आए इस मामले में शिकायतकर्ता ने कई लोगों के खिलाफ आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब पुलिस के सामने शिकायत में लगाए गए आरोपों, दस्तावेजों, संबंधित परिवादों और वित्तीय लेन-देन की जांच करना प्रमुख बिंदु होगा।
फिलहाल किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।






