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UPSC की तैयारी के बीच युवाओं ने सीखा व्यक्तित्व विकास और मानसिक संतुलन का मंत्र

UPSC अभ्यर्थियों के लिए दो दिवसीय व्यक्तित्व परिष्कार शिविर, तनाव और आत्मविश्वास पर हुई चर्चा

जन एक्सप्रेस / हरिद्वार। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ तनाव, आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव, समय का दबाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता जैसी चुनौतियां भी रहती हैं। ऐसे में पढ़ाई के साथ स्वयं को संभालने और लगातार आगे बढ़ने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से दिल्ली दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) से जुड़े युवाओं ने अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के मार्गदर्शन में दो दिवसीय व्यक्तित्व परिष्कार शिविर में हिस्सा लिया।

शरीर को हार्डवेयर और मन को सॉफ्टवेयर बताया

शिविर में केंद्रीय कोयला मंत्रालय के निदेशक अखिलेश पाण्डेय ने शरीर को हार्डवेयर और मन को सॉफ्टवेयर बताते हुए कहा कि शरीर में अनुशासन और मन में सकारात्मक एवं संतुलित विचार जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं को अपने व्यक्तित्व और सोच को बेहतर बनाने पर ध्यान देने की बात कही।

दृष्टि आईएएस के शिक्षक अभय कुमार ने कहा कि यूपीएससी की तैयारी केवल किताबें पढ़ने और तथ्यों को याद करने तक सीमित नहीं है। तैयारी के दौरान मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और विपरीत परिस्थितियों से निपटने की क्षमता भी विकसित करनी होती है।

योग से शारीरिक और मानसिक मजबूती पर जोर

योग विशेषज्ञ सुधाकांत मिश्र ने युवाओं को शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक शांति और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास समझाए। उन्होंने नियमित अभ्यास के जरिए शरीर और मन को संतुलित रखने के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।

तुलना के बजाय अपनी क्षमता पहचानने की सलाह

शांतिकुंज प्रतिनिधि गोपाल शर्मा ने कहा कि हर विद्यार्थी की यात्रा अलग होती है। किसी को अपनी कमजोरियों पर काम करना होता है तो किसी को आत्मविश्वास की कमी दूर करनी होती है। ऐसे में दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमता पहचानकर उस पर काम करना जरूरी है। उन्होंने सकारात्मक संगति को भी व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

मनीष कुमार और विनय कुमार पाण्डेय ने कहा कि भविष्य में समाज की जिम्मेदारी संभालने वाले युवाओं को पहले अपने भीतर जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और अनुशासन विकसित करना चाहिए।

शिविर के दौरान सहज संवाद और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से युवाओं को अपनी पढ़ाई, सोच और जीवनशैली को नए नजरिए से देखने का अवसर मिला। इस अवसर पर ओंकार, विनय रामाकृष्ण, बंटी, दीपक, आदर्श, गौरव समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

केंद्रीय कोयला मंत्रालय के निदेशक अखिलेश पाण्डेय युवाओं को संबोधित करते हुए

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