ट्रेनों से शराब तस्करी का खुलासा, ट्रॉली बैग से 2 दर्जन से ज्यादा बोतलें बरामद

जन एक्सप्रेस / कानपुर: ट्रेनों के जरिए शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने कार्रवाई तेज कर दी है। स्पेशल ऑपरेशन टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक कथित शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से ट्रॉली बैग में बड़ी संख्या में शराब की बोतलें बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिहार के गया का रहने वाला है और ट्रेनों के जरिए शराब पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी कथित तौर पर वीआईपी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को उनकी बर्थ तक शराब उपलब्ध कराने का काम करता था। अब पुलिस उससे पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

वाशिंग लाइन के पास चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, राजकीय रेलवे पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन टीम रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। इसी दौरान टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर शक हुआ।
पुलिस टीम ने वाशिंग लाइन के पास संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली। उसके पास मौजूद ट्रॉली बैग की जांच की गई तो उसमें शराब की कई बोतलें बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की बोतलों की संख्या दो दर्जन से अधिक बताई जा रही है। बरामद शराब की कीमत लाखों रुपये में होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, शराब की सही कीमत और कुल मात्रा का आकलन पुलिस की विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट होगा।

वीआईपी ट्रेनों में शराब पहुंचाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी से शराब की तस्करी से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को उनकी बर्थ पर शराब उपलब्ध कराने का काम करता था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी शराब कहां से लेकर आता था और उसे ट्रेनों में किन लोगों तक पहुंचाता था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी अकेले ही इस काम को अंजाम देता था या उसके साथ कोई और व्यक्ति या गिरोह भी जुड़ा हुआ है।
अगर पूछताछ में सामने आई जानकारी की पुष्टि होती है तो रेलवे के जरिए शराब की अवैध सप्लाई के एक बड़े नेटवर्क का पता चल सकता है।
बिहार के गया का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी बिहार के गया का रहने वाला है। दूसरे राज्य से शराब लेकर ट्रेन के माध्यम से उसकी तस्करी किए जाने की आशंका को देखते हुए GRP मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खेप किस स्थान से उठाई गई थी और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्क में रहने वाले लोगों और पिछले रेल सफर से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
ट्रेनों में शराब तस्करी पर GRP की नजर
रेलवे के माध्यम से शराब की तस्करी रोकना GRP और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। तस्कर अक्सर बैग, ट्रॉली और अन्य सामान में शराब छिपाकर ले जाने की कोशिश करते हैं।
इसी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों, वाशिंग लाइन और ट्रेनों के आसपास संदिग्ध यात्रियों और सामान की चेकिंग की जाती है। स्पेशल ऑपरेशन टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को भी इसी अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।
पुलिस अब बरामद शराब की बोतलों के ब्रांड, मात्रा और खरीद से संबंधित जानकारी जुटा रही है। इससे तस्करी के स्रोत का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अब तक वह कितनी बार ट्रेनों के माध्यम से शराब की तस्करी कर चुका है और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं।
जांच में आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि वीआईपी ट्रेनों में यात्रियों तक शराब पहुंचाने के लिए आरोपी किन माध्यमों का इस्तेमाल करता था।
फिलहाल GRP ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद शराब को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।






