ग्यारह करोड़ की लागत से बना थाना खुद चढ़ गया भ्रस्टाचार की भेंट

जन एक्सप्रेस / कानपुर: सरकारी निर्माण परियोजनाओं में सिर्फ भवन तैयार कर देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि वहां तक सुरक्षित पहुंच और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी जरूरी होती हैं। कानपुर-कन्नौज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने नए बिल्हौर थाने को लेकर अब इसी तरह के सवाल उठ रहे हैं। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार थाना भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और इसका उद्घाटन भी हो गया है, लेकिन हाईवे से थाने तक पहुंचने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आई है।
बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर होने की बात कही जा रही है। आरोप है कि थाना परिसर और उसके आसपास जलभराव के कारण पूरा इलाका तालाब जैसा नजर आने लगता है। ऐसे में फरियादियों, पुलिसकर्मियों और थाने आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईवे से थाने तक नहीं बना समुचित रास्ता
नए बिल्हौर थाने की सबसे बड़ी समस्या हाईवे से उसके सीधे संपर्क को लेकर बताई जा रही है। कानपुर-कन्नौज राष्ट्रीय राजमार्ग पर थाना भवन तो तैयार कर दिया गया, लेकिन हाईवे से थाने तक पहुंचने के लिए पर्याप्त कट और सर्विस लिंक रोड नहीं होने की शिकायत है।
स्थानीय स्तर पर उठाए जा रहे सवालों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को हाईवे से सीधे थाने पहुंचना हो तो उसे उचित मार्ग के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, कस्बे की तरफ से थाने तक जाने वाला संपर्क मार्ग भी खराब स्थिति में होने की बात कही गई है।
बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण लोगों को थाने तक पहुंचने में दिक्कत होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए सरकारी भवन की योजना में पहुंच मार्ग और जलनिकासी को पर्याप्त प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
सपा विधानसभा अध्यक्ष ने उठाए सवाल
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष विनय यादव ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब थाना भवन का निर्माण करीब दो वर्षों तक चला, तब निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों ने थाने तक पहुंचने वाले रास्ते की जरूरत पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
विनय यादव ने आरोप लगाया कि भवन की योजना तैयार करते समय क्या पहुंच मार्ग और जलनिकासी की व्यवस्था को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर हस्तक्षेप की मांग की है।
उनका कहना है कि एक ओर करोड़ों रुपये खर्च करके थाना भवन तैयार किया गया है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के लिए वहां तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से पुलिसकर्मियों और फरियादियों को परेशानी हो रही है।

पेट्रोल पंपों के लिए रास्ता, सरकारी थाने तक क्यों नहीं?
विनय यादव ने यह भी सवाल उठाया कि इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित निजी पेट्रोल पंपों के लिए आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन करोड़ों रुपये की लागत से बने सरकारी थाना भवन तक पहुंचने के लिए अभी तक पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ अस्थायी तौर पर पानी निकालने या रास्ते की मरम्मत करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे बारिश के मौसम में भी थाने तक लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
NHAI के माध्यम से कट और सर्विस रोड की मांग
विनय यादव ने जिलाधिकारी से मांग की है कि NHAI के माध्यम से हाईवे पर उचित कट और सर्विस लिंक रोड की व्यवस्था कराई जाए। इसके साथ ही थाना परिसर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थायी निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई है।
उन्होंने कस्बे से थाने तक जाने वाले संपर्क मार्ग को भी दुरुस्त कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि थाना आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान है और वहां तक सुरक्षित तथा सुगम पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत के बाद हाईवे कट, सर्विस लिंक रोड, संपर्क मार्ग और जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





