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कानपुर में नेक्स्ट जेन 2.0 से ई-चालान व्यवस्था में बदलाव, पीछे बैठे व्यक्ति का भी कटेगा चालान

जिला संवाददाता – विवेक पांडेय

जन एक्सप्रेस / कानपुर: यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए ई-चालान व्यवस्था में बड़ा तकनीकी बदलाव किया गया है। परिवहन विभाग के ई-चालान सिस्टम को अबनेक्स्ट जेन 2.0 वर्जन पर अपडेट किया गया है। नई व्यवस्था में चालान प्रक्रिया को पहले की तुलना में ज्यादा डिजिटल और सुविधाजनक बनाने का दावा किया जा रहा है।

नई व्यवस्था की खास बात यह है कि चालान जारी होने के बाद वाहन स्वामी के मोबाइल पर QR कोड भेजा जाएगा। इस QR कोड को स्कैन करके संबंधित व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन जुर्माने की राशि जमा कर सकेगा। यानी चालान भरने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

इसके साथ ही नए सिस्टम में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के हेलमेट नहीं लगाने और नशे में वाहन चलाने जैसे यातायात उल्लंघनों को दर्ज करने के विकल्प भी जोड़े गए हैं।

पीछे बैठी सवारी ने हेलमेट नहीं लगाया तो चालान

नई ई-चालान व्यवस्था में पिलियन राइडर यानी बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के हेलमेट को लेकर भी कार्रवाई का विकल्प शामिल किया गया है।

अगर दोपहिया वाहन पर पीछे बैठी सवारी हेलमेट नहीं पहनती है तो नए सिस्टम में इस उल्लंघन के आधार पर चालान की कार्रवाई की जा सकेगी। इसका उद्देश्य दोपहिया वाहन पर यात्रा करने वाले चालक और पीछे बैठे व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट के इस्तेमाल को सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा नशे में वाहन चलाने जैसे गंभीर यातायात उल्लंघनों को भी नई व्यवस्था में दर्ज करने का विकल्प रखा गया है।

23 सितंबर से बंद थी ई-चालान प्रक्रिया

तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते परिवहन विभाग की ई-चालान प्रक्रिया 23 सितंबर से बंद थी। सिस्टम को नए वर्जन पर अपडेट करने और पुराने सर्वर के डेटा को नई व्यवस्था में ट्रांसफर करने का काम किया जा रहा था।

अब सोमवार से परिवहन विभाग की ओर से ई-चालान की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। यात्री कर अधिकारी दीपक सिंह के मुताबिक, सिस्टम शुरू होने के बाद पहले दिन करीब 150 वाहनों के चालान काटे गए।

अधिकारी के अनुसार, नए सिस्टम में कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर करने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने सर्वर पर मौजूद डेटा को भी नई प्रणाली में अपलोड किया जा रहा है।

QR कोड से घर बैठे जमा होगा जुर्माना

नेक्स्ट जेन 2.0 व्यवस्था में चालान भुगतान की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाया गया है। चालान जारी होने के बाद वाहन स्वामी के मोबाइल पर QR कोड भेजे जाने की व्यवस्था है।

मोबाइल से QR कोड स्कैन करने के बाद संबंधित व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से जुर्माने का भुगतान कर सकेगा। इससे चालान जमा करने के लिए कार्यालय या संबंधित विभाग के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

डिजिटल भुगतान व्यवस्था से लोगों को सुविधा मिलने के साथ चालान प्रक्रिया को भी ऑनलाइन ट्रैक करना आसान हो सकता है।

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था अलग

हालांकि, ई-चालान को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के ई-चालान एप्लिकेशन अलग-अलग हैं।

एसीपी ट्रैफिक संजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग के ई-चालान एप्लिकेशन का अपडेशन भी चल रहा है। उनके मुताबिक पुलिस विभाग के सिस्टम पर शनिवार से तकनीकी काम किया जा रहा है।

इसी वजह से फिलहाल ट्रैफिक पुलिस की ओर से की जाने वाली ई-चालान कार्रवाई प्रभावित है। यानी परिवहन विभाग की ओर से ई-चालान प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बावजूद पुलिस विभाग के सिस्टम का अपडेशन अलग प्रक्रिया के तहत चल रहा है।

पुराने डेटा को नए सिस्टम में किया जा रहा अपलोड

नेक्स्ट जेन 2.0 पर शिफ्ट होने के दौरान पुराने सर्वर के डेटा को नई प्रणाली में ट्रांसफर किया जा रहा है। तकनीकी टीम सिस्टम में आने वाली समस्याओं को दूर करने में जुटी है।

अधिकारियों के मुताबिक नई व्यवस्था पूरी तरह स्थिर होने के बाद ई-चालान की प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी। वाहन चालकों के लिए भी चालान की जानकारी और भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

 

वाहन चालकों के लिए जरूरी अपडेट

नई व्यवस्था शुरू होने के बाद दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह जरूरी है कि चालक के साथ पीछे बैठने वाला व्यक्ति भी हेलमेट पहने। इसके अलावा नशे में वाहन चलाने समेत अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बचना होगा।

कानपुर में नेक्स्ट जेन 2.0 व्यवस्था लागू होने के बाद ई-चालान प्रणाली में तकनीक की भूमिका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में सिस्टम की तकनीकी दिक्कतें दूर होने और पुराने डेटा के पूरी तरह ट्रांसफर होने के बाद व्यवस्था के पूरी क्षमता से काम करने की उम्मीद है।

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