
जन एक्सप्रेस /रुद्रपुर :- श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। मोर्चा ने एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने, मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए नामों को बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में नागरिकों के मताधिकार को प्रभावित किया गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मनमाने तरीके से पुनरीक्षण प्रक्रिया संचालित करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और उनके खिलाफ जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि मताधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर के तहत फॉर्म-6 और फॉर्म-7 में किए गए बदलावों की भी जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया तत्काल रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई करने, फॉर्म-6 और फॉर्म-7 में किए गए कथित असंवैधानिक बदलावों की जांच कराने तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी नियमों को पूर्ववत करने की मांग की गई।
मोर्चा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की।
इस दौरान मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, भाकपा(माले) जिला सचिव ललित मटियाली, सीएसटीयू केंद्रीय सचिव मुकुल, इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कैलाश भट्ट, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविंद्र कौर, कार्लोस के राजेश सिंह, विजय कुमार, संदीप बजाज, भरत जोशी, मदन लाल, दिनेश कुमार, दीवान सिंह, प्रदीप और हरीश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।






