राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने की शस्त्र पूजा

जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विजयादशमी के उपलक्ष्य में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जाखणीधार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन कर राष्ट्र की उन्नति,सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया।स्वयंसेवकों ने भारत को वैभवशाली बनाने और विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
जिला कार्यवाह जगतमणि पैन्यूली की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक प्रथम सरसंघचालक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई गई। स्वयंसेवकों ने आत्मरक्षा से जुड़ी विभिन्न शारीरिक क्रियाओं का प्रदर्शन कर शारीरिक दक्षता,अनुशासन और संगठनात्मक प्रशिक्षण का परिचय दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक अजय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना,उद्देश्यों,कार्यपद्धति और वर्षभर संचालित होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना विजयादशमी के दिन वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। बताया कि संघ वर्षभर छह प्रमुख उत्सव मनाता है। इनमें वर्ष प्रतिपदा,हिन्दू साम्राज्य दिवस, गुरु पूर्णिमा, रक्षाबंधन, विजयादशमी और मकर संक्रांति शामिल हैं। इन उत्सवों के माध्यम से स्वयंसेवकों को भारतीय संस्कृति,परंपराओं,सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
संघ परिवार की ओर से समाज में प्रबोधन,सामाजिक समरसता,पर्यावरण संरक्षण,जल संरक्षण,नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता और स्वदेशी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाते हैं। कार्यक्रम में प्रियांशु भट्ट ने एकल गीत,मन्नत ने अमृत वचन,सौरभ ने प्रार्थना प्रस्तुत की। इस अवसर पर खंड कार्यवाह रविंद्र सिंह नेगी,लोकेंद्र चमोली,अनूप बलूनी,अनिल बर्त्वाल,विजय हटवाल,सीताराम भट्ट,प्रदीप रावत,संदीप सिंह,हर्षमणि,प्रकाश,अभिनव आदि उपस्थित थे।






