
हरिद्वार/नई दिल्ली :- दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित माता भगवती देवी शर्मा जन्मशताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी महोत्सव का समापन ज्ञान यज्ञ की प्रज्वलित मशाल रैली के साथ हुआ। तीन दिन तक स्टेडियम आध्यात्मिक चेतना, वैचारिक क्रांति और युग निर्माण के संकल्प का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बना रहा। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता के विचारों से गुंजायमान परिसर में देश-विदेश के लाखों गायत्री साधक विश्व शांति और सामाजिक सद्भाव का संकल्प लेकर विदा हुए।
महोत्सव के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने वर्ष 2026 को सौभाग्य का संगम बताया और कहा कि गुरुदेव-माताजी के संकल्पों की ज्योति अखंड है। अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने नारी को परिवार की धुरी और युग परिवर्तन की आधारशिला बताया। शांतिकुंज महिला मंडल अध्यक्ष शैफाली पंड्या ने मातृशक्ति का आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी में संस्कार, सेवा और संवेदना का बीजारोपण करें। यही जन्मशताब्दी का सच्चा संदेश है।
राष्ट्रीय नेतृत्व की सहभागिता: समारोह में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली के उपराज्यपाल सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री, सांसद, विधायक शामिल हुए। सभी ने पीतवस्त्रधारी साधकों की तन्मयता और अनुशासन की सराहना की। यह शांतिकुंज के रचनात्मक और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को वैश्विक मान्यता है।
2500 कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सेवा – महाआयोजन की आत्मा: इस विराट आयोजन की सफलता के पीछे शांतिकुंज के 2500 समर्पित कार्यकर्ताओं की अदृश्य तपस्या रही। परिवहन, साहित्य स्टॉल, मीडिया प्रबंधन, वैचारिक प्रदर्शनी, मंच सज्जा, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, भोजनालय और स्वच्छता जैसी 12 से अधिक व्यवस्थाओं को उन्होंने योग साधना की तरह संचालित किया। दिल्ली के दिया संगठन और एनसीआर के परिजनों ने दिन-रात सेवा दी। सभी सेवाभावी साधकों को मंच से सम्मानित किया गया।
यह महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि शांतिकुंज द्वारा विश्व में शांति, सद्भाव और संस्कारयुक्त समाज के लिए किए जा रहे सतत वैश्विक प्रयासों का उद्घोष है। ज्ञान यज्ञ रथ अब इस चेतना को जन-जन तक ले जाएगा।






