
जन एक्सप्रेस /बागेश्वर :- 18 दिनों से लापता 35 वर्षीय धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू की गुमशुदगी के मामले का बागेश्वर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर गिरेछीना मोटर मार्ग स्थित थुनाई बैंड के पास गोमती नदी से धीरेंद्र का शव बरामद किया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार भी कब्जे में ली है।
पुलिस के अनुसार, धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर 2026 की शाम बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों की शिकायत पर 31 अक्टूबर को कोतवाली बागेश्वर में उनकी गुमशुदगी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पड़ताल की। इस दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी से पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में महिला ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र उसके घर पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद होने पर उसने कथित तौर पर लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घर में छिपा दिया गया।
पुलिस के अनुसार, अगले दिन महिला ने अपने भाई त्रिभुवन उर्फ बबलू को घटना की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने शव को कार में रखा और थुनाई बैंड के पास गोमती नदी में फेंक दिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर 3 नवंबर की शाम नदी के पास से धीरेंद्र का शव बरामद किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार भी बरामद कर ली है।
पुलिस ने इस मामले में लता भंडारी (42) और त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू बिष्ट (39) को गिरफ्तार किया है। गुमशुदगी के मुकदमे को हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में तरमीम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है






