उत्तराखंड की सड़कें होंगी गड्ढा-मुक्त 1128 सड़कों का टारगेट, 5500 सड़कों की मरम्मत का दावा
उत्तराखंड में सड़कें जल्द होंगी गड्ढा-मुक्त, लोनिवि के एचओडी राजेश चंद्र शर्मा का बड़ा दावा — अब तक 336 सड़कें ठीक, 1128 का टारगेट, 5500 सड़कों को गड्ढा-मुक्त किया

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :- मॉनसून की मार से क्षतिग्रस्त उत्तराखंड की सड़कों को लेकर लोगों की परेशानी अब जल्द दूर होने वाली है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) देहरादून के एचओडी राजेश चंद्र शर्मा ने दैनिक भास्कर से खास मुलाकात के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर चल रही है और जल्द ही इन्हें पूरी तरह ठीक कर लिया जाएगा। शर्मा ने बताया कि अब तक 336 गड्ढा-मुक्त सड़कों को ठीक किया जा चुका है। विभाग ने 1128 सड़कों का टारगेट रखा है, जिसे पूरा करने के लिए काम तेज गति से जारी है। उन्होंने आगे कहा कि अब तक 5500 सड़कों को गड्ढा-मुक्त कर दिया गया है। यह आंकड़ा विभाग की तरफ से किए गए काम का संकेत देता है, हालांकि मानसून के बाद कई इलाकों में अभी भी गड्ढों की शिकायतें आ रही हैं।
क्षतिग्रस्त सड़कों का आकलन जिलाधिकारियों के साथ
एचओडी राजेश चंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि क्षतिग्रस्त सड़कों का आकलन जिलाधिकारी से मिलकर शीघ्र ही पूरा किया जा रहा है। हर जिले में डीएम के साथ बैठक कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है और उसी के आधार पर मरम्मत का काम प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा। खासकर पहाड़ी इलाकों, ग्रामीण मार्गों और शहरों की मुख्य सड़कों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
लोगों की परेशानी और विभाग का दावा
उत्तराखंड की सड़कें हर साल मॉनसून में बुरी तरह प्रभावित होती हैं। गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी होती है, हादसे बढ़ते हैं और आवाजाही प्रभावित होती है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में लोगों की शिकायतें आम रही हैं। ऐसे में शर्मा का यह बयान उन लोगों के लिए राहत की खबर है जो लंबे समय से खराब सड़कों से जूझ रहे हैं।
विभाग का दावा है कि काम सिर्फ पैचवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी समाधान पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में गड्ढा-मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि अतीत में डेडलाइन खिसकने और कुछ किलोमीटर सड़कों पर काम अधूरा रहने की खबरें भी आई हैं, इसलिए अबकी बार विभाग जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा रहा है।
आगे क्या होगा? जिलाधिकारी के साथ आकलन पूरा होते ही शेष सड़कों पर काम शुरू। 1128 सड़कों का टारगेट पूरा करने की कोशिश। शहरों और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्राथमिकता। राजेश चंद्र शर्मा का यह बयान विभाग की ओर से आधिकारिक अपडेट माना जा रहा है। अगर वादा पूरा होता है तो उत्तराखंड की सड़कों पर लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल नजरें विभाग के काम और जिला स्तर के आकलन पर टिकी हैं।
(यह खबर दिए गए बयान के आधार पर विस्तार से तैयार की गई है।)






