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मुख्यमंत्री शिवराज कोलगढ़ी संरक्षण एवं जीर्णोद्वार कार्य का करेंगे भूमि पूजन

रीवा । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज (शुक्रवार ) त्योंथर में 324.70 लाख रुपये से स्वीकृत कोलगढ़ी के संरक्षण तथा जीर्णोंद्धार कार्य का भूमिपूजन करेंगे। कोलगढ़ी परिसर का क्षेत्रफल 2410 वर्ग मीटर है, जिसमें से 740 वर्ग मीटर क्षेत्र में गढ़ी निर्मित है।

मुख्यमंत्री इस दौरान भगवान विरसा मुंडा सामुदायिक भवन निर्माण का स्वीकृति पत्र भी सौंपेंगे। रीवा शहर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिये एक एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिसमें जिला खनिज न्यास एवं जिला पंचायत निधि अन्तर्गत 93.47 लाख रुपये से भगवान विरसा मुंडा सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा।

आदिवासी कोल राजाओं के शान का प्रतीक है कोलगढ़ीः जनसम्पर्क अधिकारी उमेश तिवारी ने बताया कि विन्ध्य क्षेत्र में लंबे समय से गुजरात के चालुक्य शाखा के बघेल राजाओं का शासन रहा। इनका राज्य बहुत विस्तृत था। इस राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई छोटे राजाओं ने शासन किया। इनके रीवा में राजाओं से मित्रवत संबंध रहे। इसी तरह का राज्य त्योंथर में था। बघेली बोली में गढ़ी छोटे किले को कहा जाता है। कोलगढ़ी से स्पष्ट है कि यह कोल राजाओं का किला है। कोलगढ़ी रीवा जिले के त्योंथर कस्बे में ऊंचे टीले पर टमस नदी के किनारे स्थित है।

पुराविदों ने इसे लगभग 200 वर्ष पुराना बताया है। वर्तमान में कोलगढ़ी जीर्ण-शीर्ण भवन है। मुख्यमंत्री चौहान ने इसके जीर्णोद्धार की घोषणा की है। इसके लिए 324.70 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री आज कोलगढ़ी के जीर्णोद्धार कार्य का भूमिपूजन करेंगे। कोलगढ़ी आदिवासी कोल राजाओं के वैभवशाली शासन का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कोलगढ़ी के जीर्णोद्धार के साथ कोल संस्कृति के संरक्षण के लिए कोल संग्रहालय के निर्माण के भी निर्देश दिए हैं। इस संग्रहालय में कोल समुदाय की संस्कृति से जुड़ी वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। कोलगढ़ी को सबके गौरव का प्रतीक बनाया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री चौहान दोपहर 1ः20 बजे भोपाल से वायुयान से प्रस्थान कर दोपहर 2ः00 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से दोपहर 2ः05 बजे हेलीकाप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 2ः55 बजे त्योंथर हेलीपैड आएंगे। मुख्यमंत्री हेलीपैड से कोलगढ़ी परिसर पहुंचकर कोलगढ़ी के जीर्णोद्धार का शिलान्यास करेंगे। कोलगढ़ी पहुंचने पर मुख्यमंत्री का परंपरागत कोल जनजातीय लोकनृत्य कोलदहका से स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के समीप आयोजित कोल जनजातीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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