UP Breaking Newsउत्तर प्रदेशहरदोई

हरदोई का श्री शिव संकट हरण सकाहा मंदिर दिन में तीन बार बदलता है स्वयंभू शिवलिंग का रंग

संवाददाता :- प्रशांत तिवारी 

जन एक्सप्रेस /हरदोई :-  जिले के सकाहा गांव में शाहजहांपुर हाईवे के निकट स्थित श्री शिव संकट हरण मंदिर आस्था, चमत्कार और पौराणिक इतिहास का अद्भुत संगम माना जाता है। जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 20 किलोमीटर दूर स्थित यह प्राचीन शिवालय अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण प्रदेशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर का जीर्णोद्धार लगभग 70 से 80 वर्ष पूर्व कराया गया था, जबकि यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग की उत्पत्ति सैकड़ों वर्ष पुरानी मानी जाती है।

दिन में तीन बार बदलता है स्वयंभू शिवलिंग का रंग

इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों और पुजारियों का दावा है कि इसका रंग दिन में तीन बार स्वतः बदलता है।

सुबह: शिवलिंग का रंग भूरा दिखाई देता है।

दोपहर: रंग बदलकर गहरा काला हो जाता है।

रात्रि: शिवलिंग सुनहरे रंग का दिखाई देता है।

श्रद्धालुओं का यह भी विश्वास है कि समय के साथ इस स्वयंभू शिवलिंग के आकार में निरंतर सूक्ष्म वृद्धि हो रही है, जिसे वे भगवान शिव का दिव्य चमत्कार मानते हैं।

‘संकट हरण’ नाम के पीछे है पौराणिक मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार इस क्षेत्र का प्राचीन नाम सोनिकपुर था। त्रेता और द्वापर युग से जुड़े इस स्थान पर हिरण्यकशिपु के सहयोगी शंकासुर का निवास बताया जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा से इस स्थान पर आने वाले श्रद्धालुओं के सभी संकट दूर हो जाते हैं, इसलिए यह मंदिर ‘श्री शिव संकट हरण मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

सावन और महाशिवरात्रि पर लगता है विशाल मेला

सावन माह और महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रत्येक सोमवार को दूर-दूर से आने वाले कांवड़िए जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। मंदिर परिसर पूरे सावन माह तक शिवभक्ति के रंग में सराबोर रहता है।

मंदिर की विशेषताएं

स्वयंभू एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन शिवलिंग।

दिन में तीन बार बदलता है शिवलिंग का रंग।

श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता।

सावन और महाशिवरात्रि पर विशाल मेला।

प्रदेशभर से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु।

आस्था का केंद्र

स्थानीय लोगों का कहना है कि श्री शिव संकट हरण मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। यही कारण है कि वर्षभर यहां दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है और सावन के महीने में यह स्थान शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह डूब जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button