अफ्शा अंसारी को तगड़ा झटका: एमपी–एमएलए कोर्ट ने 9.44 करोड़ की संपत्ति कुर्की पर लगाई अंतिम मुहर
पुनर्विचार याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा—कुर्की आदेश “कानूनी, उचित और साक्ष्यों पर आधारित

जन एक्सप्रेस मऊ/गाज़ीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी को बड़ी कानूनी हार का सामना करना पड़ा है। एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट, मऊ ने 10 दिसंबर 2025 को उनकी पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए 9.44 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर जिला प्रशासन द्वारा की गई कुर्की को पूरी तरह वैध ठहराया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि कुर्की कार्रवाई “पूरी तरह कानूनी, साक्ष्यों पर आधारित और न्यायोचित” है; इसलिए इसमें किसी भी तरह के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।गाज़ीपुर जिला प्रशासन ने दिसंबर 2021 में अफ्शा अंसारी के नाम दर्ज जमीन को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया था। प्रशासन ने जांच में पाया था कि यह संपत्ति मुख्तार अंसारी के आपराधिक नेटवर्क से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई थी।कोर्ट में प्रशासन ने भूमि अभिलेख, खरीद दस्तावेज, आय-व्यय का विश्लेषण, तथा पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त जांच रिपोर्ट जैसे साक्ष्य पेश किए। अदालत ने इन सभी साक्ष्यों को भरोसेमंद मानते हुए कहा कि संपत्ति की खरीद में धन का स्रोत “संदिग्ध और अवैध” प्रतीत होता है।यही कारण रहा कि कोर्ट ने अफ्शा अंसारी की पुनर्विचार याचिका को न केवल खारिज किया, बल्कि कुर्की पर अंतिम मुहर भी लगा दी। इस आदेश के बाद अफ्शा अंसारी के लिए कानूनी रास्ता और संकरा हो गया है।






