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कैंसर पीड़ित को चौकी इंचार्ज ने थाने में जमकर पीटा, हालत हुई नाजुक

जन एक्सप्रेस
कानपुर नगर। कानपुर में काकादेव थाना क्षेत्र में चौकी इंचार्ज ने कैंसर पीड़ित को थाने में जमकर पीट डाला जो कि धर्मांतरण की शिकायत करने पहुंचा था। पत्नी और 2 छोटे बच्चों के सामने सिर को दीवार से सिर भिड़ा दिया। चौकी इंचार्ज ने प्राइवेट पार्ट में लात मारकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद खींचकर हवालात में बंद कर दिया। इससे थाने में ही उसकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में उसे एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया।

काकादेव शास्त्री नगर निवासी जय सिंह उर्फ रिंकू ने बताया कि वह एसबीआई में फील्ड ऑफिसर हैं। पिता की कैंसर से मौत हो चुकी है। उसे भी पेल्विक कैंसर की बीमारी है। घर में पत्नी नेहा सिंह और 2 बच्चे 7 साल का सूर्यांश और 4 साल का शिवांश हैं। बेटे सूर्यांश को भी बोनमैरो कैंसर है। उसका लखनऊ के पीजीआई से इलाज चल रहा है। मैं कैंसर पेशेंट होने के चलते बोनमैरो नहीं दे सकता। इस वजह से मेरा छोटा बेटा अपने बड़े भाई के लिए बोनमैरो डोनेट करेगा।
मौसेरे भाई ने बनाया था धर्मांतरण का दबाव
पीड़ित रिंकू ने बताया कि गुरुवार सुबह हम लोग बेटे की जांच कराने के लिए लखनऊ पीजीआई के लिए निकल रहे थे। इसी दौरान घर के सामने रहने वाला मेरा मौसी का बेटा अवनीश कुमार सिंह आया और उसके मारपीट शुरू कर दी। मेरे भाई को भी डंडे से पीटा। कहा कि जब तक तू अपना और परिवार का धर्मांतरण नहीं कराएगा तुझे इसी तरह से परेशान करता रहूंगा। अगर तूने धर्मांतरण करा लिया तो सारी बीमारियां खत्म हो जाएंगी।
मारपीट की सूचना पर काकादेव थाने के चौकी इंचार्ज सचिन भाटी मौके पर पहुंचे और रिंकू को थाने ले आए। पत्नी और बच्चों के सामने ही थाने में सिर दीवार से कई बार भिड़ाया। प्राइवेट पार्ट में लात मारकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद खींचकर हवालात में बंद कर दिया। रिंकू बार-बार हाथ जोड़ता रहा। कहता रहा- साहब मुझे छोड़ दो। मुझे पेल्विक कैंसर है। मेरे बड़े बेटे को भी बोनमैरो कैंसर है। इलाज के लिए पीजीआई जाना है। उसने अपने इलाज और अप्वाइमेंट का पर्चा भी दिखाया।
इसके बाद भी दरोगा सचिन भाटी ने जमकर उसकी धुलाई कर दी। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता समेत कई लोग थाने पहुंचे और हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर एसीपी स्वरूप नगर आईपी सिंह जांच करने पहुंचे। उन्होंने कैंसर पेशेंट की बात सुनी। पीड़ित जय सिंह उर्फ रिंकू ने बताया कि उसके मौसेरे भाई अवनीश सिंह ने धर्मांतरण के लिए मोटीवेट किया। चुन्नीगंज स्थित चर्च में कई बार ले गया। कैंसर की बीमारी के चलते मैं पहले तो डायवर्ट हो गया था लेकिन जब उसके पिता को पता चला तो उन्होंने मुझे डांट लगाई। कहा कि सनातन धर्म जीवन में कभी मत छोड़ना। गुमराह और लालच में आकर धर्मांतरण न करना इसके बाद जय सिंह ने धर्मांतरण करने से इनकार कर दिया।
दरोगा ने खुद को बताया बेकसूर

दरोगा सचिन भाटी ने बताया कि दोनों पक्षों का आपस में विवाद हुआ था। सूचना पर मैं मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को थाने लेकर आया था। दोनों पर कार्रवाई करने जा रहा था। इस बात को लेकर आक्रोशित जय सिंह ने मेरे ऊपर झूठा आरोप लगाया है। वहीं जबकि पीड़ित ने दावा किया है कि अगर थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए तो सब सच सामने आ जाएगा। इस पर दरोगा ने जांच कराने की बात कही है।
वहीं एसीपी स्वरूप नगर आईपी सिंह ने बताया कि दरोगा सचिन भाटी की कई शिकायतें मिली हैं। जल्द ही उसकी रिपोर्ट बनाकर अफसरों को भेजी जाएगी। जिससे सचिन के खिलाफ कार्यवाही की जा सके।






