एलडीए की कार्रवाई कागजों में कैद, अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले बुलंद
नोटिस जारी, कार्रवाई नदारद! जोन-2 में अवैध निर्माणों पर उठे बड़े सवाल

जन एक्सप्रेस लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के प्रवर्तन जोन-2 में अवैध निर्माणों का खेल लगातार जारी है। आरोप है कि नियमों और मानकों को ताक पर रखकर बहुमंजिला भवनों एवं व्यावसायिक निर्माणों को खुलेआम खड़ा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि प्राधिकरण द्वारा कई मामलों में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद धरातल पर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन जोन-2 में तैनात कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध निर्माणकर्ताओं को संरक्षण मिलने के कारण सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी रहने से मिलीभगत की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते इन निर्माणों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो शहर की नियोजित विकास व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। एलडीए के नियमों की खुली अनदेखी होने के बावजूद संबंधित अवर अभियंता और जोनल अधिकारियों द्वारा प्रभावी कदम न उठाना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, जबकि अवैध निर्माण तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल एलडीए प्रशासन और उपाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर उठ रहा है। जब विभाग स्वयं अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर चुका है, तब आगे की कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? शहरवासियों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई तो अवैध निर्माण माफियाओं के हौसले और बुलंद होंगे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एलडीए प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और अवैध निर्माणों के खिलाफ कब तक ठोस कार्रवाई करता है।




