छुट्टियों में बच्चे बने ‘जल नायक’, गांव के धारे को दिया नया जीवन

जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के नौगांव ब्लॉक स्थित कण्डारी गांव में बच्चों ने गर्मी की छुट्टियों का अनोखा और प्रेरणादायक उपयोग करते हुए गांव के पुराने धारे को नया जीवन दे दिया। शिक्षक सुरक्षा रावत के मार्गदर्शन में बच्चों ने श्रमदान कर धारे की सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य किया।
कई दिनों तक चले इस अभियान में सिमरन, अंशिका, ऋषिका, रिया, साक्षी, अंशुल, शिवांश सहित अन्य बच्चों ने मिलकर धारे की गंदगी हटाई, पत्थरों को व्यवस्थित किया और आसपास पौधरोपण किया। बच्चों ने उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला से धारे को सजाकर उसे आकर्षक रूप दिया। साथ ही धारा पूजा का आयोजन भी किया गया।
अभियान के दौरान छात्रा रिया ने अपना जन्मदिन भी धारे के पास पौधे लगाकर मनाया। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
शिक्षक सुरक्षा रावत ने बच्चों को ‘जल नायक’ बताते हुए कहा कि धारे केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
‘कल के लिए जल अभियान’ के तहत अब आसपास के अन्य गांवों में भी इसी तरह के संरक्षण कार्य करने की योजना बनाई जा रही है। इस अभियान में स्थानीय ग्रामीण सुभाष गौड़ और सोहनलाल ने भी सक्रिय सहयोग किया।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि नई पीढ़ी जल संरक्षण के लिए आगे आए तो गांवों के प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाया जा सकता है।






