
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी:जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शुक्रवार को एक जनपद–एक नदी के तहत विकासखंड पुरोला की चयनित कमल नदी को सारा (स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथॉरिटी) योजना के माध्यम से विकसित करने के उद्देश्य से जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। जिलाधिकारी ने बैठक में जल संरक्षण एवं संवर्द्धन संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी रेखीय विभागों को दीर्घकालिक और व्यवहारिक योजनाएँ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन और नदी संरक्षण के कार्यों में क्षमता वृद्धि जरूरी है, ताकि भविष्य में जल संकट से निपटने में जनपद सक्षम बन सके।बैठक में कमल नदी के कैचमेंट क्षेत्र की संयुक्त डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तरकाशी वन प्रभाग द्वारा सारा योजना के अंतर्गत स्वीकृत 18 जल स्रोतों पर किए गए कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत कमल नदी (टौस वन प्रभाग) तथा केदार गंगा परियोजना की प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने अद्यतन जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए।बैठक में डीएफओ डीपी बलूनी, उपनिदेशक जलागम सिद्धार्थ श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता पेयजल मधुकांत कोटियाल, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटूडा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।






