देहरादून । सस्ता गल्ला दुकानदारों को लाभांश उनके खाते में डाला जाएगा। इसके लिए शासन ने 35 करोड़ की धनराशि के सापेक्ष 9 करोड़ 9 करोड़ 35 लाख की राशि आवंटित कर दी गई है।
यह जानकारी खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने बुधवार को दी। उन्होंने कहा कि धामी सरकार का वादा बातें कम काम ज्यादा है। एक जनवरी 2023 से भारत सरकार ने एनएफएसए के अन्तर्गत अंत्योदय और प्राथमिक परिवार योजना का खाद्यान्न नि:शुल्क किए जाने के कारण राशन विक्रेताओं के लाभांश के भुगतान के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट ना होने के कारण समस्या उत्पन्न हो गई थी।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन उत्तराखंड ने मांग की थीं कि राशन विक्रेताओं के अंतर्गत लाभांश का भुगतान किया जाए जिसे लेकर बीती 19 जनवरी को खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने सचिव/ आयुक्त खाद्य, विभागीय अधिकारियों और राशन विक्रेताओं के सभी ज़िलों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए राशन विक्रेताओं के पक्ष को सुना था।
उक्त बैठक में खाद्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि 15 फरवरी तक राशन विक्रेताओं के लाभांश और परिवहन के मद में बजट आवंटन की कार्रवाई कर ली जाए और फरवरी अंत तक राशन विक्रेताओं को भुगतान भी सुनिश्चित कर लिया जाए।
खाद्य मंत्री आर्या ने बताया कि इसी क्रम में आज शासन ने उक्त मद में 35 करोड़ की धनराशि के सापेक्ष 9 करोड़ 35 लाख की राशि आवंटित कर दी गई है जिसका भुगतान सभी राशन डीलरों को कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि आहरित करने के पश्चात पीएफएमएस पोर्टल से वाउचर संख्या और दिनांक बजट नियंत्रक अधिकारी तथा प्रशासनिक विभाग को अद्यतन निर्धारित प्रारूप पर मासिक उपलब्ध करायी जायेगी साथ ही स्वीकृत/आवंटित की जा रही बजट धनराशि सस्ता गल्ला विक्रेताओं को लाभांश और आंतरिक गोदामों से एफपीएस तक परिवहन भाड़े का भुगतान सीधे उनके खाते में किया जायेगा।