
जन एक्सप्रेस/शाहगंज: शाहगंज नगर के नजीराबाद मिल्लत नगर स्थित एक प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती एक मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली का मौके पर मौजूद आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों का पुलिस से भी तीखी बहस हो गयी।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मोलनापुर उसरहटा निवासी 42 वर्षीय अमरनाथ शनिवार की सुबह पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने उसे नगर के मिल्लतनगर स्थित लाइफ क्योर हास्पिटल में भर्ती कराया। जहां पर उसका इलाज चल रहा था।सुबह के लगभग आठ बजे मरीज की तबियत अचानक ज्यादा खराब होने के कारण हास्पिटल के डॉक्टर ने मरीज को रेफर कर दिया। अभी अस्पताल के भुगतान की प्रक्रिया चल ही रही थी कि मरीज़ की हालत औऱ खराब हो गया। जिससे बाद चिकित्सालय में ही मरीज अमरनाथ की मौत हो गयी।
वहीं मृतक की पत्नी उर्मिला देवी ने हास्पिटल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और कहा की अगर मरीज की हालत बहुत खराब थी तो पहले क्यों नही रेफर किया गया। जब मेरे पति की मौत हो गयी थी तब भी नही बताया गया था। मात्र कुछ रुपयों के लिए मेरे पति की जान चली गयी। वहीं मौत की खबर सुनकर ग्रामीण भी भारी संख्या में उक्त हास्पिटल पहुंच गए और जमकर हंगामा शुरु हो गया। इसी दौरान डा सचिन मौर्या के समर्थन में पहुंचे नगर के आधा दर्जन चिकित्सकों का प्रभारी निरीक्षक से तीखी बहस हो गया।
फिलहाल मृतक अमरनाथ की पत्नी उर्मिला देवी ने पुलिस को तहरीर देते हुए हास्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की मांग की है।
वहीं पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद पोस्टमार्टम हेतू भेज दिया।
इस बाबत सीएमओ डा लक्ष्मी सिंह ने कहा कि मामले की गहनता से जांच कि जायेगी। जों भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाई किया जायेगा। वहीं प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया की हास्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाई की जा रही है।






