फसल नुकसान सर्वे के लिए गौरहरी पहुंचे अधिकारी
लगातार बारिश से खराब हुई फसलों का लिया गया जायजा, किसानों ने जताई संतुष्टि

जन एक्सप्रेस गौरहरी (महोबा): विगत एक माह से जारी बारिश और हालिया अतिवृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें भारी नुकसान की चपेट में आ गई हैं। जैसे ही मौसम में थोड़ी राहत मिली, प्रशासन और बीमा कंपनी की टीमें फसलों के नुकसान का आकलन करने गुरुवार को गौरहरी गांव पहुंचीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण करने पहुंची टीम में इफको टोकियो के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गोविंद, कृषि विभाग चरखारी से चंद्रहास राजपूत, तथा लेखपाल उमेश सोनकर शामिल रहे। टीम ने खेतों में जाकर उड़द, मूंग, तिली, मूंगफली आदि की फसलों का निरीक्षण किया और नुकसान की स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।
50% फसलें खेतों में ही सड़ गईं, बाकी में बुवाई भी नहीं हो सकी
लगातार बारिश और जलभराव के कारण क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत फसलें खेतों में ही नष्ट हो गई हैं, जबकि बाकी बचे खेतों में बुवाई ही नहीं हो सकी। इस कारण किसान गहरे संकट में थे और प्रशासन से फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कराने की मांग कर रहे थे।
किसानों की मांग पर शुरू हुआ सर्वे, जताई राहत की भावना
गांव के किसानों ने बताया कि यदि समय रहते सर्वे नहीं होता, तो उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाता। अब जब सर्वे टीम खेतों तक पहुंची है, तो किसानों में उम्मीद और संतोष का माहौल है। क्षेत्रीय किसान अब शासन से सटीक और पारदर्शी आकलन की अपेक्षा कर रहे हैं, जिससे उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।
प्रशासन और बीमा कंपनी से पारदर्शिता की मांग
किसानों ने यह भी मांग की है कि सर्वे के परिणाम सार्वजनिक रूप से साझा किए जाएं और जिन खेतों में नुकसान दर्ज किया गया है, वहां की रिपोर्ट तत्काल बीमा कंपनी को भेजी जाए।






