उत्तराखंडदेहरादून

देहरादून में भिक्षावृत्ति व बालश्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: आठ बच्चे रेस्क्यू

ऋषिकेश में जनजागरूकता अभियान चलाकर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का प्रचार

जन एक्सप्रेस देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आसरा ट्रस्ट, एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के संयुक्त तत्वावधान में आज ऋषिकेश के भिक्षावृत्ति बाहुल्य क्षेत्रों — गरुड़ चट्टी पुल, लक्ष्मण झूला पुल, त्रिवेणी घाट, और इंद्रमणि चौक — में भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया गया।

इंद्रमणि चौक और लक्ष्मण झूला पुल से चार बच्चे रेस्क्यू

अभियान के दौरान इंद्रमणि चौक पर एक बालक और दो बालिकाएं, तथा लक्ष्मण झूला पुल पर एक बालक भिक्षावृत्ति और बालश्रम में लिप्त पाए गए, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू कर काउंसलिंग की गई।

ऋषिकेश में अब तक भिक्षावृत्ति से 17 और बाल श्रम से 12 बच्चे रेस्क्यू

अक्टूबर 2024 से जून 2025 तक की अवधि में ऋषिकेश क्षेत्र से कुल 29 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, जिसमें से 17 भिक्षावृत्ति और 12 बाल श्रम से जुड़े थे।

लगातार पेट्रोलिंग कर रही विशेष रेस्क्यू टीम

जिला प्रशासन की विशेष टीम द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग की जा रही है, जिसमें डेडिकेटेड वाहन के माध्यम से रेस्क्यू किए जा रहे बच्चों को त्वरित सहायता और पुनर्वास प्रदान किया जा रहा है।

साधु राम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर

रेस्क्यू किए गए बच्चों को साधु राम इंटर कॉलेज में संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में विशेषज्ञों की देखरेख में रखा जा रहा है। यहां बच्चों को कम्प्यूटर, योग, संगीत, प्रोजेक्टर बेस्ड लर्निंग, खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षा दी जा रही है।

231 से अधिक बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा

अब तक 231 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति और बालश्रम से मुक्त कर इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ा गया है, जिनमें से 19 बच्चों को स्कूलों में दाखिला भी दिलाया जा चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button