
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: बौराड़ी में आयोजित रामलीला महोत्सव के दसवें दिवस कुंभकरण वध, मेघनाद वध और रावण वध के प्रसंगों का भव्य एवं आकर्षक मंचन किया गया। युद्ध प्रसंगों के जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राम, लक्ष्मण, कुंभकरण, मेघनाद और रावण की भूमिकाओं में कलाकारों ने शानदार अभिनय का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित जनसमूह ने जमकर सराहना की। मंचन के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
अतिथियों ने सराही रामलीला समिति की व्यवस्थाएं
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सुशील बहुगुणा, दर्शनी रावत, रागिनी भट्ट, गोविंद बिष्ट, शालिनी जौली और मोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
अपने संबोधन में अतिथियों ने रामलीला समिति द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट आयोजन और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
उत्तराखंड आंदोलनकारी सम्मान दिवस भी मनाया गया
रामलीला के दशम दिवस को उत्तराखंड आंदोलनकारी सम्मान दिवस के रूप में भी मनाया गया। इस अवसर पर जनपद के अनेक राज्य आंदोलनकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
रामलीला समिति द्वारा सभी आंदोलनकारियों और अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्य आंदोलन के योगदान को याद करते हुए आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत, कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेंद्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, राकेश लांबा, भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, उर्मिला राणा, अनुराग पंत, गंगा भगत नेगी सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
रामलीला मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और सांस्कृतिक प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।






