
जन एक्सप्रेस/देहरादून(उत्तराखंड) : साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बीच उत्तराखंड पुलिस द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र ने छात्रों को तकनीकी सुरक्षा, अपराध रोकथाम और शासन व्यवस्था की बारीकियों से परिचित कराया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण CO साइबर सेल, श्री अंकुश मिश्रा की प्रस्तुति रही, जिन्होंने डार्क वेब, फिशिंग, डिजिटल फ्रॉड जैसे जटिल विषयों को सरल और सजीव अंदाज में छात्रों के सामने प्रस्तुत किया।
मिश्रा ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस तकनीकी नवाचारों, साइबर हेल्पलाइन और जागरूकता अभियानों के ज़रिए साइबर अपराधों से सतर्कता से निपट रही है। उन्होंने विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों को समाज में साइबर सुरक्षा की जागरूकता के लिए अहम बताया।
सत्र के दौरान छात्रों का उत्साह देखने लायक था। छात्र-छात्राओं ने कानून व्यवस्था, पुलिसिंग, डिजिटल फोरेंसिक और अपराध रोकथाम की रणनीतियों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। इन प्रश्नों का उत्तर DGP दीपम सेठ सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता, स्पष्टता और पारदर्शिता के साथ दिया। यह संवाद अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणास्पद रहा।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उत्तराखंड पुलिस की आधुनिक, पारदर्शी और जनसहभागिता पर आधारित कार्यशैली की खुले मन से सराहना की। उन्होंने कहा कि भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से भरे इस राज्य में जिस निष्ठा और तकनीकी दक्षता से पुलिस कार्य कर रही है, वह प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है।






