17 मिमी बारिश के बाद जलस्तर में बढ़ोतरी, प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति पर रखी कड़ी नजर

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई। जनपद में मंगलवार सुबह हुई वर्षा के बाद गंगा एवं गर्रा (रामगंगा) नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी प्रमुख गेज स्टेशनों पर नदियों का जलस्तर अभी भी चेतावनी एवं खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। सिंचाई विभाग (शारदा नहर खंड) द्वारा जारी दैनिक बाढ़ सूचना के अनुसार प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है और ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
मंगलवार सुबह 8 बजे जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार पंचाल घाट (फर्रुखाबाद) पर गंगा नदी का जलस्तर 137.00 मीटर, मेहंदीघाट (कन्नौज) पर 124.68 मीटर तथा राजघाट (हरदोई) पर 125.46 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर से नीचे है। वहीं रामगंगा नदी के चौबारी घाट, डबरी घाट और हुल्लापुर गेज स्टेशनों पर भी जलस्तर सामान्य सीमा में बना हुआ है। गर्रा नदी के मुमोक्ष आश्रम तथा केंद्रीय जल आयोग के साण्डी गेज स्टेशन पर भी जलस्तर सुरक्षित स्तर पर दर्ज किया गया।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में जनपद में 17 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हरिद्वार बैराज से गंगा नदी में 97,413 क्यूसेक तथा नरौरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि नानकसागर एवं ड्यूनी डैम से गर्रा नदी में फिलहाल कोई डिस्चार्ज नहीं किया गया है।
गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे कई गांवों के लोग जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद एहतियात बरत रहे हैं। रामगंगा नदी के किनारे बसे नाऊ पुरवा, खद्दीपुर (चैन सिंह), बरान, बेडीजोर, नंदना, बेहटा मुडिया, इस्माइलपुर, चंद्रमपुर, खुर्रमपुरवा, खजुरियापुरवा, बरगदापुरवा, अंधइया, सेमरा, कालिकापुरवा, करनपुर, मगरौरा और शिया गांवों के ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं गंगा नदी के किनारे स्थित तेरा पुरसौली, डुंडेपुरवा, जिगनी, मंसूरपुर, उमरौली जैतपुर, लालपुर, करनपुर, नगरा, साहसी, बरगदापुरवा, कढ़िलेपुरवा, बंजरियापुरवा, नारायनपुर, तुलसीपुरवा और हैदराबाद गांवों के लोगों में भी संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता देखी जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं तथा नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।






