82 वर्षीय बुजुर्ग महिला की वरासत समस्या एक घंटे में हल, DM ने खुद सौंपी खतौनी

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर लिपिकीय त्रुटि के कारण महीनों से वरासत दर्ज कराने के लिए भटक रही 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला की समस्या का समाधान आखिरकार महज एक घंटे में हो गया। जनसुनवाई के दौरान मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी डॉ०दिनेश चन्द्र ने तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, बल्कि स्वयं फरियादी को खतौनी उपलब्ध कराकर प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया। मामला तहसील केराकत के ग्राम पंचायत रामपुर निवासी श्यामदुलारी (82) से जुड़ा है।
उन्होंने जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पति की मृत्यु के बाद लिपिकीय त्रुटियों के चलते वरासत दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी केराकत और तहसीलदार को तत्काल अन्य अभिलेखों के आधार पर त्रुटि सुधार के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही राजस्व अभिलेखों की जांच कर लिपिकीय त्रुटि को दुरुस्त किया गया और महज एक घंटे के भीतर वरासत दर्ज कर खतौनी तैयार कर दी गई। बुधवार को जिलाधिकारी ने जनसुनवाई कक्ष में श्यामदुलारी को स्वयं खतौनी सौंपी। ठंड को देखते हुए उन्होंने बुजुर्ग महिला को कंबल और जूते भी प्रदान किए।
इस मानवीय पहल से भावुक हुई श्यामदुलारी ने जिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ०दिनेश चन्द्र ने बताया कि श्यामदुलारी जी कई महीनों से वरासत के लिए प्रयास कर रही थीं। मामला सामने आते ही प्राथमिकता पर कार्रवाई कराते हुए समस्या का समाधान एक घंटे के भीतर कराया गया है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान श्यामदुलारी के साथ आए उदयभान राय ने किसान सम्मान निधि अवरुद्ध होने की शिकायत की। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल उनकी फार्मर रजिस्ट्री कराई गई, जिससे समस्या का समाधान हो गया। उदयभान राय ने भी मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए शासन-प्रशासन की सराहना की।






