जौनपुर: डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र ने दी प्रशिक्षु आरक्षियों को नसीहत
बोले- 'अनुशासन और संवेदनशीलता ही पुलिस की असली पहचान'

जौनपुर : जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नए आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया। डीएम ने नए सिपाहियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के गुर सिखाए।
पुलिस बल है प्रशासन की रीढ़
आरक्षियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस बल किसी भी प्रशासन की रीढ़ होता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सफल पुलिसकर्मी बनने के लिए केवल शारीरिक दक्षता ही काफी नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, धैर्य और संवेदनशीलता का होना भी अनिवार्य है।
जनता के प्रति विनम्रता का मंत्र
डॉ. दिनेश चन्द्र ने विशेष रूप से आमजन के साथ व्यवहार पर चर्चा करते हुए कहा:
“आम नागरिक जब समस्या लेकर आता है, तो वह पुलिस से उम्मीद करता है। लोगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना और उनका त्वरित समाधान करना ही आपकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। आपका व्यवहार हमेशा विनम्र और सहयोगात्मक होना चाहिए।”
प्रशिक्षण को व्यवहार में उतारें
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई अनुशासन और कार्यप्रणाली की बातों को केवल किताबी न रखें, बल्कि उसे अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाएं। उन्होंने सभी आरक्षियों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर आरक्षियों ने भी अपने प्रशिक्षण से जुड़े अनुभवों को साझा किया। डीएम ने आशा व्यक्त की कि ये नए सिपाही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और कानून का राज स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






