जौनपुर: गणेश मेमोरियल एक्सल हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही, रिहायशी इलाके में फेंका जा रहा मेडिकल ‘जहर’

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर : शहर के सिपाह-आजमगढ़ रोड स्थित बलोच टोला इलाके में स्थित गणेश मेमोरियल एक्सल हॉस्पिटल अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। अस्पताल प्रबंधन पर आरोप है कि वह बायो-मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमों के विरुद्ध खुले में कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
फोटो से खुली दावों की पोल
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनका कचरा नियमित रूप से नगर पालिका की गाड़ियों को दिया जाता है, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा जुटाई गई तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
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क्या है कचरे में: इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, संक्रमित सिरिंज, सूई और दवाओं के अवशेष।
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कहां फेंका जा रहा: रोजाना 4-5 बोरे खतरनाक कचरा सड़क किनारे और घरों-दुकानों के सामने डाला जा रहा है।
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संक्रमण का खतरा: रिहायशी इलाका होने के कारण बच्चों और बुजुर्गों में महामारी फैलने का डर बना हुआ है।
नियमों की सरेआम धज्जियां
बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2016 के तहत मेडिकल कचरे को खुले में फेंकना एक दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद, यह अस्पताल स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे नियमों का उल्लंघन कर रहा है। स्थानीय सफाई नायक और निरीक्षकों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद अब तक कोई ठोस धरातलीय कार्रवाई नहीं दिखी है।
प्रशासनिक आश्वासन पर भारी आक्रोश
नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग और अधिशासी अधिकारी को मामले से अवगत कराया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने नोटिस देने और कार्रवाई करने की बात कही है, लेकिन स्थानीय जनता इसे केवल ‘हवा-हवाई’ आश्वासन मान रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चुप्पी किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रही है।
बड़ा सवाल: क्या स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस गंभीर लापरवाही पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करेगा, या रसूख के आगे जनस्वास्थ्य की बलि चढ़ती रहेगी?






