पूर्व की सरकारों में 38 अब मात्र 4 जिले बाढ़ से प्रभावित : राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान बाल्मीकि
मंत्री ने दिया अधिकारियों की पूर्व तैयारी पर विशेष बल

जन एक्सप्रेस/संवाददाता
बाराबंकी। प्रदेश सरकार के राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान बाल्मीकि ने प्राकृतिक आपदाओं से हो रही क्षति पर चिंता जताई। उन्होंने आपदा से होने वाली क्षति के न्यूनीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों की पूर्व तैयारी पर विशेष बल दिया है। बुधवार को शहर के एक रिहायशी होटल में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं आपदा न्यूनीकरण प्रबंधन केंद्र की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान बाल्मीकि सहित अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग व उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आर पी शाही उपस्थित रहे। इस एक दिवसीय कार्यशाला में मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिला अधिकारी नीतीश कुमार, अपर जिला अधिकारी अरुण कुमार सिंह जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यहां कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री अनूप प्रधान बोले कि वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में 38 जिले बाढ़ से प्रभावित हुआ करते थे। जोकि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व से प्रदेश में मात्र चार जनपद बचे है। वर्तमान सरकार ने 11 घटनाओं को आपदा की श्रेणी में रखा है। जबकि पूर्व की सरकारों द्वारा 9 घटनाओं को आपदा श्रेणी में रखा गया था। जिसमें हाल में दो और घटनाओं (सर्पदंश व नीलगाय) आपदा घोषित किया गया है। जो कि ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में देखी जाती थी। अभी बीते जून माह में योगी जी के निर्देश पर लखनऊ में राज्य आपदा प्रबंधन के लिए डेढ़ एकड़ भूमि पर एक डेडीकेटेड बिल्डिंग का शिलान्यास किया गया है। जिससे आपदा राहत कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा।
आकाशीय बिजली से बचने के लिए सबसे मुनासिब पक्की छत

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आर पी शाही ने कहा कि आकाशीय बिजली से बचने का सबसे बेहतर उपाय पक्की छत के नीचे रहना है। आसमान में बिजली चमकने के दौरान ज्यादातर लोग पेड़ की छाया का सहारा लेते है। जोकि अत्यंत ही जोखिम भरा है। आगे कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग ने कहा कि आप सभी एजेंट ऑफ चेंज हो। जिनके माध्यम से आपदा के दौरान होने वाली हानियों को कम किया जा सकता है। हम सभी के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। परंतु आम जनमानस के मध्य आपदा से बचने सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का अभाव है। जिसे हमें जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यशाला में मंडलायुक्त गौरव दयाल ने सर्वप्रथम प्रदेश सरकार के राजस्व राज्यमंत्री का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। फिर बोले कि इस कार्यशाला का आयोजन एक अच्छी पहल है। इसका लाभ पूरे मंडल के अधिकारियों सहित आम जनमानस को प्राप्त होगा। कार्यशाला में परियोजना निदेशक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अदिति उमराव द्वारा बाढ़ प्रबंधन तथा जिला आपदा प्रबंधन के सशक्तिकरण के संबंध में प्रस्तुतीकरण भी प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ सहित अन्य आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा आपदा के दौरान की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी साझा की गई।






