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नेपाल पर्यटन का बड़ा हब बन चुका है: मुख्यमंत्री लुंबनी प्रदेश

बर्दिया शाही निकुंज में धूमधाम से मनाया गया 44 वां विश्व पर्यटन दिवस

जन एक्सप्रेस/अशोक उपाध्याय

भारत नेपाल सीमा, बहराइच। बर्दिया के ठाकुरद्वारा में 44 वां विश्व पर्यटन दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया है। नेपाल के लुम्बनी प्रदेश के मुख्यमंत्री डिल्ली बहादुर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल की छात्रों द्वारा नेपाली राष्ट्रगान से हुई। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की तो वहीं थारू समुदाय के लोगों ने विभिन्न प्रकार के नृत्य और कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सम्मिलित अतिथियों को दुसाला देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेपाल के लुंबिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री डिल्ली बहादुर ने कहा कि भारत का पड़ोसी देश नेपाल पर्यटन का बड़ा हब बन गया है। भारतीय सीमा से सटे नेपाल के बर्दिया जिले में हिमालय की तलहटी में स्थित बर्दिया शाही निकुंज (अभयारण्य) प्राकृतिक छटा से ओत प्रोत है। उत्तरी सिरे पर बह रही करनाली नदी इसकी शोभा में चार चांद लगाती है। बर्दिया नेशनल पार्क में बाघ, बारासिंघा, हिरण, पाकड़ समेत कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते हैं। प्राकृतिक वास होने के चलते वन्य जीव की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। शाही निकुंज पड़ोसी मित्र राष्ट्र भारत के पर्यटकों के लिए पर्यटन का हब चुका है। शाही निकुंज मैं स्थित चिसा पानी स्थान पर घड़ियाल का प्रवास है। वहीं भारतीय पर्यटक करनाली नदी पर बने आकर्षण पुल को देखने के लिए भारी तादाद में आते हैं। भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए इस अभ्यारण को और विकसित किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय पर्यटकों को किसी प्रकार की सुविधा न हो उसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में यहां 26 हज़ार पर्यटक पहुंचे थे। लेकिन इस वर्ष एक लाख पर्यटकों को लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस लिए लुम्बनी सरकार इसको और विकसित करने के लिए भी तमाम तरह की योजनाएं बना रही है। वहीं यहां के स्थानीय घरेलू उत्पाद को भी और बढ़वा दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने आने वाले पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों से अपील की कि वह पर्यटन व्यवसाय को मजबूती प्रदान करने के लिए यहां के उत्पाद को खरीदें। भारत हमारा पड़ोसी मित्र राष्ट्र होने के साथी ही हमारा अभिन्न अंग है। भारत से अधिक से अधिक पर्यटक यहां आएं उसके लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर भारतीय पर्यटको को कोई असुविधा नेपाल आने में न हो इसके लिए नेपाल केंद्रीय सरकार से भी चर्चा हुई है। इस मौके पर बर्दिया जिले के मेयर तिलकराम लम्सल, श्रीराम सिग्देल, गगन थापा, भागीराम ओली, रुद्र खड़का, कृष्ण प्रसाद भट्टराई झबी शर्मा सहित तमाम सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यटन ब्यवसाई व राजनेता मौजूद रहे।

नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार व नाटा के वरिष्ठ मेम्बर श्री राम सिग्देल ने कहा कि सभी नेपाली पर्यटन ब्यवसाइयो को सोचना चाहिए कि विश्व का अगर सबसे बड़ा पर्यटन बाजार कोई है तो वह भारत है। हम पड़ोसी देश हैं और खुली सीमा है। दोनों देशों के मधुर सम्बंध है। यहां के लोगों को भारत में जाकर लोगों से बात करनी चाहिए कि नेपाल में पर्यटकों के लिए बेहतर माहौल है। नेपाल के लोग भारतीय पर्यटकों को अगर बेहतर सुविधाएं दे पानी में सक्षम हो जाएंगे तो उन्हें तीसरे देश के पर्यटकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सिर्फ उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 24 करोड़ है। अगर साल में मात्र एक प्रतिशत यूपी के ही पर्यटक यहां आ जाते हैं तो पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा होगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय पदकों को सीमा पर पर्यटन से संबंधित पत्र जारी किया जाना चाहिए जिससे उन्हें कोई असुविधा न हो।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी से की है बात: डिल्ली बहादुर

नेपाल लुंबिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री डिल्ली बहादुर ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मिलकर चर्चा भी की है कि नेपाल में पर्यटन को कैसे भारतीय पर्यटको के लिए और सुबिधा जनक बनाया जा सके। इसके लिए सीमा पर आवागमन को पर्यटकों के लिए सुगम बनाने पर भी चर्चा की गई।

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