
जन एक्सप्रेस /कर्णप्रयाग :- प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर चमोली जिले के ग्राम बैनोली में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। मैती संस्था की पहल पर आयोजित इस अभियान में महिला मंगल दल, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग ने सक्रिय सहयोग किया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के करीब 200 पौधों का रोपण किया गया।
भारी बारिश के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोगों ने अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन मैती संस्था के समन्वयक राहुल चौहान ने किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों का स्वागत किया तथा जलपान की व्यवस्था के साथ सभी को हरेला महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। राहुल चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनसहभागिता सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी: पद्मश्री कल्याण सिंह रावत
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मैती संस्था के संस्थापक एवं पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने प्रकृति संरक्षण के महत्व पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी प्रतिभागियों और ग्रामीणों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर कोहली, रमेश भट्ट, ग्राम प्रधान बैनोली भगत पाल, महिला मंगल दल की अध्यक्ष एवं सदस्य, मैती संस्था के लक्ष्मण रावत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से बैनोली के ग्रामीणों ने प्रकृति संरक्षण, हरित पर्यावरण और सामुदायिक भागीदारी का मजबूत संदेश दिया।






